
CM Nitish Kumar: लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके सीएम नीतीश कुमार अब राज्यसभा में अपनी भूमिका निभायेंगे. आज वे शपथ ग्रहण करेंगे और जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खरमास के बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है.
शराबबंदी, आरक्षण समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10 यादगार फैसले, जिसने बिहार को दी नई राह
CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (शुक्रवार) राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. लगभग 20 साल तक नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहे. इस कार्यकाल में उन्होंने कई फैसले लिए, जिसने बिहार को नई राह दी. इनमें शराबबंदी से लेकर महिलाओं को आरक्षण देना तक शामिल है.
CM Nitish Kumar: लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके सीएम नीतीश कुमार अब राज्यसभा में अपनी भूमिका निभायेंगे. आज वे शपथ ग्रहण करेंगे और जल्द ही वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि खरमास के बाद बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है.
बिहार के लिए जरूरी फैसले
नीतीश कुमार लगभग 20 सालों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने बिहार के लिए कई ऐसे फैसले लिए, जो यादगार बन गए या फिर ऐसा भी कहा जा सकता है कि उन फैसलों ने बिहार को नई राह दी. हर घर बिजली, जातीय सर्वेक्षण, महिलाओं को आरक्षण समेत कई जरूरी फैसले उन्होंने लिए.
सीएम नीतीश के 10 यादगार फैसले
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए पुलिस में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया.
- पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया.
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई. इसके बाद दो लाख रुपए की भी सहायता राशि दी जाएगी.
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी का फैसला सीएम नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक माना जाता है.
- जीविका दीदियों के विस्तार से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया.
- सात निश्चय योजना के तहत बिहार के लोगों को सहायता दी जा रही. हाल में सात निश्चय पार्ट- 3 को मंजूरी दी गई.
- हर घर बिजली का सपना पूरा किया गया. खासकर बिहार के ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाई गई.
- बिहार में जातिगत जनगणना कराई गई.
- शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल और पोशाक योजना लाई गई. ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे स्कूल पहुंचे.
- नीतीश सरकार ने महादलित आयोग की स्थापना 2007 में की. जिसका उद्देश्य दलितों में सबसे गरीब और पिछड़ी जातियों का उत्थान करना






