
Iran US Tension : जे डी वेंस ने कहा कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता (पीस टॉक) में अच्छी प्रगति हुई है. अब बातचीत को आगे बढ़ाने और युद्ध खत्म करने के लिए अगला कदम तेहरान को उठाना होगा. अमेरिका और ईरान वीकेंड में इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली लंबी शांति वार्ता के बाद किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके. अमेरिका का कहना था कि तेहरान ने परमाणु ईंधन संवर्धन (Nuclear Fuel Enrichment) रोकने संबंधी शर्त को मानने से इनकार कर दिया.
वेंस ने ‘फॉक्स न्यूज’ से बातचीत में कहा कि हालात खराब नहीं हुए, बल्कि सही दिशा में बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि बातचीत में अच्छी प्रगति हुई और सामने वाला पक्ष भी आगे बढ़ा. इससे कुछ पॉजेटिव साइन मिले. हालांकि, अभी उतनी प्रगति नहीं हुई है जितनी उम्मीद थी, इसलिए बातचीत को और आगे ले जाने की जरूरत है.
ईरान के न्यूक्लियर एम्बिशन पर क्या बोले वेंस?
वेंस ने जोर देकर कहा कि अगर ईरान न्यूक्लियर एम्बिशन को लेकर अमेरिका की बात मान लेता है तो दोनों देशों के बीच बहुत अच्छा समझौता हो सकता है. वेंस ने कहा कि क्या हमारी आगे और बातचीत होगी, क्या हम किसी समझौते तक पहुंचेंगे? मुझे लगता है कि गेंद अब ईरान के पाले में है.
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता इसलिए खत्म हो गई क्योंकि ईरानी डेलिगेशन किसी समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लगा सका. उन्होंने कहा कि इस बातचीत से यह समझ आया कि तेहरान में असली फैसले कौन लेता है? वहां मौजूद टीम के पास समझौता करने का पूरा अधिकार नहीं था. उन्होंने कहा कि उन्हें तेहरान लौटना पड़ा ताकि या तो सर्वोच्च नेता से या किसी और से उन शर्तों पर मंजूरी ली जा सके जो हमने तय की थीं.
ईरान और अमेरिका की ओर से कौन आए बातचीत करने?
वेंस ने इस बातचीत में अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व किया, जिसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर शामिल थे. वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस बातचीत का हिस्सा बने.






