
Samrat Chaudhary: ‘अपने-अपने विभागों को अच्छे से समझें और उससे जुड़ी योजनाओं को लेकर समीक्षा करें. साथ ही मीडिया में कोई भी बयान देने से पहले अपने विभाग से जुड़ी पूरी जानकारी रखें’. यह आदेश बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट के नए मंत्रियों को दी. सीएम ने नए मंत्रियों के साथ एक औपचारिक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने यह आदेश दिया.
एक्शन मोड में सम्राट चौधरी
सीएम सम्राट चौधरी ने मंत्रियों को यह भी आदेश दिया कि अपने-अपने विभाग में नई संभावनाओं को तलाशें और उसका प्रस्ताव भी तैयार करें. इस तरह से सभी नए मंत्री अपने-अपने विभाग के काम में जुट गए हैं. सीएम सम्राट चौधरी खुद पूरी तरह से एक्शन मोड में हैं. जिस दिन नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया, उसी दिन मंत्रियों के विभाग का बंटवारा भी कर दिया गया. इसके ठीक एक दिन बाद नए मंत्रियों के साथ औपचारिक बैठक कर दिशा-निर्देश दिए गए.
शुक्रवार को नए मंत्रियों ने संभाला कामकाज
राज्य सरकार में नव नियुक्त लगभग सभी मंत्रियों ने शुक्रवार को अपना कामकाज संभाल लिया. नव नियुक्त सभी अपने विभाग पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर कामकाज की जानकारी ली और समीक्षा की. मंत्रियों ने पदभार ग्रहण करने के लिए शुभ मुहुर्त का भी इंतजार किया. सम्राट कैबिनेट के पहले विस्तार में गुरुवार को 32 नये मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी.
स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए निशांत कुमार ने दोपहर बाद अपने विभाग का कामकाज संभाल लिया. इसी प्रकार शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी दोपहर बाद शिक्षा विभाग स्थित अपने चैंबर में जाकर औपचारिक रूप से कामकाज संभाला. सरकार के अन्य सभी मंत्रियों ने भी विभागों में योगदान किया. इधर, योजना एवं विकास मंत्री श्री भगवान सिंह कुशवाहा सोमवार को अपना कामकाज संभालेंगे. सूत्रों के मुताबिक, श्री कुशवाहा सोमवार को ही अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे.
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने क्या कहा?
राज्य के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित स्वास्थ्य विभाग कार्यालय में पदभार ग्रहण किया. पदभार ग्रहण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की और कहा कि पिछले 20 सालों में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में काफी काम किया है.
उन्होंने कहा कि इन कार्यों को और गति दी जायेगी और आम लोगों को मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी. बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.





