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तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की बेटियों ने रचा सफलता का इतिहास, मेहनत से हासिल की नई उड़ान

जगदलपुर, 05 जून 2026/ सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बीच भी यदि सपनों को मेहनत का सहारा मिल जाए, तो सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के ग्राम उलनार निवासी निर्धन परिवारों की दो प्रतिभाशाली छात्राओं ने यह साबित कर दिखाया है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से जुड़ी रुद्राणी कश्यप और डालेश्वरी बघेल ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
ग्राम उलनार की रहने वाली रुद्राणी कश्यप ने सेजेस करपावंड में अध्ययन करते हुए तथा डालेश्वरी बघेल ने शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उलनार में पढ़ाई कर अपनी लगन, अनुशासन और परिश्रम के बल पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उनकी इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण अंचलों के बच्चे भी अवसर मिलने पर किसी से कम नहीं हैं।
इन दोनों छात्राओं की प्रतिभा को सम्मानित करते हुए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए संचालित शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। गत दिवस उलनार में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप ने दोनों छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के चेक सौंपे और उन्हें आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उच्च शिक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की सलाह दी। साथ ही इन बच्चों को पौधे प्रदान कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्वयं सजग रहकर समाज को जागरूक करने प्रोत्साहित किया।
रुद्राणी की सफलता से उसके परिवार में खुशी का माहौल है। माता कुंती कश्यप ने बताया कि बेटी की उपलब्धि ने पूरे परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उन्होंने कहा कि रुद्राणी की रुचि जीव विज्ञान विषय में है और वे उसकी आगे की पढ़ाई के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके। वहीं डालेश्वरी बघेल के पिता लम्बोदर बघेल ने बताया कि बेटी की इस सफलता में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षकों की सलाह के अनुसार वे गांव के स्कूल में ही उसकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देंगी, जिससे वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर सके।

तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्य से जुड़े इन परिवारों की बेटियों की यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। शिक्षा प्रोत्साहन योजना से मिली सहायता ने न केवल छात्राओं का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि उनके सपनों को नई दिशा और नई ऊर्जा भी प्रदान की है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर सफलता का परचम लहराने वाली ये बेटियां आज इस पूरे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं।

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