
रायपुर, 3 जुलाई 2026/ गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पंजीकृत श्रमिकों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं निर्बाध लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रमिक ई-केवाईसी अभियान को गति दी जा रही है। जिला पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के 75 से अधिक वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वीएलई को आधार के अनुरूप डेटा संशोधन के बाद श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिकों का 31 जुलाई 2026 तक ई-केवाईसी और आवश्यक डेटा संशोधन पूरा कराया जाएगा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सीनियर मैनेजर मोहम्मद रियाज ने ऑनलाइन डेटा संशोधन की पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने श्रमिक कार्ड में नाम, पता, आधार और अन्य आवश्यक जानकारियों में संशोधन की प्रक्रिया समझाते हुए त्रुटिरहित डेटा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी वीएलई को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान श्रम पदाधिकारी बी.एल. ठाकुर, श्रम निरीक्षक राहुल यादव और श्रम कल्याण अधिकारी प्रभात गुप्ता ने ई-केवाईसी के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं, ऑनलाइन प्रक्रिया की सामान्य त्रुटियों तथा उनके समाधान की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन और पहचान संबंधी जानकारी का सावधानीपूर्वक मिलान करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर श्रम पदाधिकारी बी.एल. ठाकुर ने जिले के सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की, कि वे अपने नजदीकी सीएससी केंद्र में पहुंचकर आधार के अनुसार आवश्यक संशोधन के बाद ई-केवाईसी अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर भविष्य में श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।









