
Mamata Banerjee: दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में 12 वर्षीय किशोरी की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने दावा किया कि वह पीड़ित परिवार से मिलने बारुईपुर जाना चाहती थीं, लेकिन उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल व सीएपीएफ तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया है.
बारुईपुर की घटना ने तोड़ा धैर्य का बांध
वीडियो संदेश जारी कर ममता ने कहा कि बारुईपुर की घटना से वह बेहद चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि भगवानपुर, पटाशपुर, कूचबिहार, दुर्गापुर, दिनहाटा और पानीहाटी समेत राज्य के कई हिस्सों में महिलाओं के साथ अत्याचार की घटनाएं हुई हैं. बारुईपुर की घटना ने लोगों के धैर्य का बांध तोड़ दिया है.
ममता के घर के आगे पुलिस बल तैनात
ममता ने आरोप लगाया कि वह अकेले पीड़ित परिवार के पास जाना चाहती थीं, लेकिन उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस, सीआरपीएफ, आरपीएफ और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के कर्मियों की तैनाती कर दी गयी. उन्होंने सवाल उठाया कि जब इलाके में धारा 144 लागू नहीं है तो उनके घर के आसपास सुरक्षा बलों का रूट मार्च क्यों कराया जा रहा है. उनका आरोप है कि विपक्षी दलों को छूट दी जा रही है, जबकि उनकी पार्टी के नेताओं को रोका जा रहा है.
ममता की हुई पीड़ित परिवार से बात
ममता बनर्जी ने कहा कि वह स्वयं घटनास्थल नहीं पहुंच सकीं, लेकिन पीड़ित परिवार के सदस्यों से उनकी बातचीत हुई है और उन्होंने हरसंभव मदद तथा न्याय दिलाने का भरोसा दिया. उल्लेखनीय है कि बारुईपुर के धपधपी-2 ग्राम पंचायत क्षेत्र में शनिवार से लापता नाबालिग लड़की का शव रविवार सुबह एक तालाब से बोरे में बंद मिला था. परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है.
क्षेत्र में तनाव, पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया. आक्रोशित भीड़ ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की, सड़क जाम कर प्रदर्शन किया और एक संदिग्ध युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि भीड़ द्वारा की गयी हत्या की घटना की अलग से जांच शुरू कर दी है.
हटाया गया सुरक्षा घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर से सोमवार की सुबह पुलिस हटा दी गई है. रविवार को कालीघाट (कालीघाट टीएमसी) में तृणमूल नेता के घर के सामने अचानक पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई थी. इसके बाद ममता ने फेसबुक पर लाइव आकर शिकायत की कि उन्हें बरुईपुर जाने नहीं दिया जा रहा है. उन्हें घर में नजरबंद रखा गया है. हालांकि, सोमवार की सुबह को कालीघाट की स्थिति बदल गई.






