
सक्षम योजना से संवरी किस्मत
*मजदूरी छोड़ मसाला उद्यमी बनीं देमार की दयावती*
रायपुर,24 अगस्त 2026/
मेहनत, आत्मविश्वास और शासकीय योजनाओं का सहारा जब एक साथ मिलता है, तो परिस्थितियां बदलते देर नहीं लगती। धमतरी जिले के ग्राम देमार की श्रीमती दयावती यादव की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। कभी परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी पर निर्भर रहने वाली दयावती आज खुद का व्यवसाय चलाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘सक्षम योजना’ से मिली 80 हजार रुपए की आर्थिक सहायता ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी है।
*मजदूरी से उद्यमिता तक का सफर*
दयावती के परिवार में 11वीं कक्षा में पढ़ रहा बेटा और एक बुजुर्ग सासू मां हैं, जो काम करने में असमर्थ हैं। पूरे परिवार के भरण-पोषण और बेटे की पढ़ाई का जिम्मा दयावती के ही कंधों पर था। आर्थिक तंगी के कारण जीवनयापन बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जब उन्हें सक्षम योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने योजना के तहत प्राप्त 80 हजार रुपए की राशि से स्वरोजगार स्थापित करने का फैसला किया।
उन्होंने इस राशि का उपयोग गरम मसाला उद्योग शुरू करने में किया। दयावती ने सीलिंग मशीन, पैकिंग सामग्री और कच्चा माल खरीदा। आज वे इलायची, तेजपत्ता, दालचीनी जैसे मसालों को तैयार कर आकर्षक पैकिंग के साथ बाजार में बेच रही हैं। वर्तमान में 100 से अधिक मसाला डिब्बों की पैकिंग और बिक्री कर रही है। भविष्य में उत्पादन क्षमता बढ़ाकर व्यवसाय का बड़े पैमाने पर विस्तार करना है।इसके साथ ही राज्य सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ की किश्त मिलने से परिवार को आर्थिक मजबूती मिली है।दयावती कहती है कि सक्षम योजना ने मुझे केवल वित्तीय सहायता नहीं दी, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया है। इस योजना ने मुझे मजदूर से उद्यमी बना दिया।
रक्षाबंधन के अवसर पर दयावती ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की योजनाओं से महिलाओं को सम्मान के साथ जीने और अपनी जिम्मेदारियां निभाने की नई राह मिली है। दयावती की यह सफलता साबित करती है कि सही अवसर और दृढ़ संकल्प से महिलाएं अपने परिवार की दिशा और दशा दोनों बदल सकती हैं।









