
पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना (Annapurna Bhandar Yojana) के पैसे मिलने से महिलाएं खुश हैं, तो जिन महिलाओं को पैसे नहीं मिले हैं, उनमें असंतोष भी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी लगातार लोगों से धैर्य रखने और भरोसा बनाये रखने की अपील कर रहे हैं. इसी बीच राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष सिलीगुड़ी में घर-घर जाकर महिलाओं से पूछ रहे हैं- क्या आपको पैसे मिले. जिनको पैसे मिल चुके हैं, उनके घर पर स्टिकर भी लगा रहे हैं.
घर-घर जाकर मंत्री कर रहे सीधा संवाद
शंकर घोष अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ की महिलाओं के घर जा रहे हैं. उनसे हाल-चाल पूछने के बाद पूछते हैं- अन्नपूर्णा योजना के पैसे मिल गये क्या? जैसे ही घर की महिला हां कहती है, मंत्री तुरंत जेब से एक चमकदार स्टिकर निकालते हैं और उस घर के मुख्य दरवाजे पर चिपका देते हैं. इस पर लिखा है- अन्नपूर्णा योजना का गर्वित लाभार्थी.
पैसे नहीं मिले, तो मेरे विधायक कार्यालय आईए : मंत्री
जिन महिलाओं के बैंक खाते में अभी तक अन्नपूर्णा भंडार योजना के पैसे नहीं पहुंचे हैं, मंत्री उनसे कहते हैं कि आप निराश न हों. बिल्कुल चिंता मत कीजिए, सीधे मेरे विधायक कार्यालय, जिसे सेवा कार्यालय (Seva Kendra) नाम दिया गया है, वहां आ जाइए. जनसंपर्क अभियान के दौरान शंकर घोष ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य आवेदक प्रक्रियात्मक कमियों के कारण इस योजना के लाभ से वंचित न रहे.
सिलीगुड़ी में 32 हजार लाभार्थी, 3500 आवेदन लंबित
- सिलीगुड़ी शहर में लगभग 32,000 महिलाओं को नियमित रूप से अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिल रहा है.
- जिले में लगभग 3,500 आवेदन अभी विभिन्न कारणों से प्रक्रियाधीन या अटके हुए हैं.
- विधायक सेवा केंद्र में जमा किए जा रहे दस्तावेजों को सीधे महिला एवं बाल कल्याण विभाग (Department of Women and Child Development) को भेजा जा रहा है, ताकि लंबित मामलों का तेजी से समाधान किया जा सके.









