
नगरी के दो उर्वरक एवं छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों पर 15 दिवस के लिए विक्रय प्रतिबंध
धमतरी, 27 अगस्त 2026/ जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी निर्धारित दरों एवं नियमानुसार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विक्रय केन्द्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विकासखण्ड नगरी के दो उर्वरक एवं छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों के विरुद्ध विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।
बेलरगांव क्षेत्र में 266 रुपये की यूरिया खाद 500 से 800 रुपये में विक्रय किए जाने संबंधी समाचार दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। अनुज्ञा अधिकारी सह उप संचालक कृषि, जिला धमतरी द्वारा संबंधित विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा प्रकरण की जांच के लिए अनुविभागीय अधिकारी कृषि को जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
निर्देशानुसार जांच अधिकारी द्वारा 27 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में संबंधित विक्रय केन्द्र मेसर्स के.के. कृषि केन्द्र, घुरावड़ एवं मेसर्स माधुरी बीज भण्डार में विक्रय संबंधी विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि की गई। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों विक्रय केन्द्रों के विरुद्ध उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश, 1985 के खण्ड 8(4) एवं 35(1)(बी) के तहत आगामी 15 दिवस के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है तथा संबंधितों से अनियमितताओं के संबंध में जवाब भी मांगा गया है।
इसी प्रकार जिले में कीटनाशी विक्रय केन्द्रों के निरीक्षण के लिए कृषि विभाग की टीमों द्वारा लगातार जांच एवं निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विकासखण्ड नगरी के छह कीटनाशी विक्रय केन्द्रों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर दो दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मेसर्स महेन्द्र कृषि केन्द्र, नगरी, मेसर्स देवांगन ट्रेडर्स, नगरी, मेसर्स महामाया ट्रेडर्स, नगरी, मेसर्स बालाजी राघव कृषि केन्द्र, सांकरा, मेसर्स एस.एस. कृषि केन्द्र, सांकरा तथा मेसर्स रघुपति कृषि केन्द्र, सांकरा के विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत आगामी 15 दिवस के लिए कीटनाशी विक्रय पर प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है।
कृषि विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले के सभी उर्वरक एवं कीटनाशी विक्रेताओं की दुकानों का नियमित निरीक्षण उर्वरक एवं कीटनाशी निरीक्षकों द्वारा किया जा रहा है। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उर्वरक एवं कीटनाशी का ही विक्रय करें तथा किसानों को उत्पाद के सुरक्षित, संतुलित एवं निर्धारित मात्रा में उपयोग की आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलना, बिना बिल विक्रय करना, अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा अमानक उत्पादों का विक्रय जैसी किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे उर्वरक एवं कीटनाशी की खरीदी करते समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें, उत्पाद की पैकिंग, बैच नंबर, निर्माण एवं वैधता तिथि तथा निर्धारित मूल्य की जांच करें। किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत लेने, बिना बिल सामग्री देने अथवा अमानक उत्पाद विक्रय किए जाने की स्थिति में तत्काल कृषि विभाग को सूचना दें।
कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की उपलब्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। अनियमितता के विरुद्ध जांच एवं कार्रवाई का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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