Ro no D15139/23

विगत 25 वर्षों में दुर्ग जिले में कृषि विभाग ने की अभूतपूर्व प्रगति

दुर्ग जिले के कृषि विभाग ने विगत पच्चीस वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जिससे किसानों का जीवन स्तर और जिले की कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। वर्ष 2025 में, विभाग ने खरीफ और रबी फसलों के क्षेत्राच्छादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। खरीफ फसल का क्षेत्राच्छादन 146276 हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 4 प्रतिशत (5046 हे.) अधिक है, जबकि रबी फसल का क्षेत्राच्छादन 53660 हेक्टेयर रहा, जिसमें 8 प्रतिशत (3700 हे.) की वृद्धि हुई है। उत्पादन के मोर्चे पर भी जिले का शानदार प्रदर्शन रहा। खरीफ फसल उत्पादन 720 हजार मीट्रिक टन (53 प्रतिशत अधिक) और रबी उत्पादन 84 हजार मीट्रिक टन (43 प्रतिशत अधिक) दर्ज की गयी। यह असाधारण उपलब्धि मुख्य रूप से उत्पादकता में सुधार के कारण संभव हुई है, जहाँ खरीफ उत्पादकता 4922 किग्रा/हेक्ट. (48ः अधिक) और रबी उत्पादकता 1565 किग्रा/हेक्ट. (34 प्रतिशत अधिक) रही है। विभाग की पहल से फसल सघनता भी बढ़कर 133 प्रतिशत हो गई है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है।
इस प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने किसानों को आवश्यक कृषि आदानों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2025 में 50762 क्विंटल बीज वितरित किया गया, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में 58 प्रतिशत अधिक है, और 89632 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया, जिसमें 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, विभाग ने बीज उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया है; खरीफ में 76764 क्विंटल और रबी में 9026 क्विंटल बीज का उत्पादन किया गया है, जो विगत 25 वर्षों की तुलना में क्रमशः 7075 क्विंटल और 1750 क्विंटल अधिक है। यह सुनिश्चित किया गया कि किसान भाइयों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलें। विभागीय योजनाओं के अंतर्गत, वर्ष 2025 में 106659 कृषकों को लाभान्वित किया गया, यह संख्या पिछले 25 वर्षों की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है, जिससे पता चलता है कि सरकारी सहायता की पहुँच अब व्यापक हो गई है। जिले के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एवं कृषक हितैषी योजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत, जिले के 80230 कृषकों को 340.24 करोड़ रूपए की सम्मान निधि का भुगतान किया गया है। यह राशि शत-प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण और भूमि सत्यापन के बाद सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से, 285995 कृषकों को 482.18 करोड़ रूपए का फसल क्षति दावा भुगतान किया गया है। यहाँ, बीमा इकाई ग्राम स्तर पर मोबाइल ऐप से फसल कटाई प्रयोग किए जाते हैं, जो दावा भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित और तेज बनाते हैं। इसके साथ ही, कृषक उन्नति योजना के तहत, वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कुल 212430 कृषकों को 998.48 करोड़ रूपए की विशाल राशि आदान सहायता के रूप में प्रदान की गई है, जिसने किसानों को उनकी खेती के लिए मजबूत आर्थिक सहारा दिया है। यह समग्र और समन्वित प्रयास दुर्ग जिले के कृषि क्षेत्र के उज्जवल भविष्य की नींव रख रहा है।

  • Related Posts

    टी-20 विश्वकप के फाइनल में पहुँची टीम इंडिया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

    रायपुर 5 मार्च 2026(IMNB NEWS AGENCY) मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने टी-20 विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को पराजित कर फाइनल में पहुँचने पर भारतीय क्रिकेट टीम को…

    Read more

    महतारी वंदन योजना से महंत परिवार की महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

    सरकारी योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, महिलाएं बन रहीं परिवार की ताकत सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से परिवार की आय में दे रहीं योगदान कोरबा, 05 मार्च 2026/ राज्य सरकार की ’महतारी…

    Read more

    NATIONAL

    श्रीलंका ने दूसरे ईरानी जहाज का लिया कंट्रोल, 208 की बची जान, IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल

    श्रीलंका ने दूसरे ईरानी जहाज का लिया कंट्रोल, 208 की बची जान, IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल

    CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

    CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

    इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….