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धान उपार्जन की तैयारी पूर्ण, सुचारू संचालन हेतु वैकल्पिक व्यवस्था — अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

धमतरी, 13 नवम्बर 2025/— छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किया जाना है। इस वर्ष उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।

सहकारिता विभाग के निर्देशानुसार धान उपार्जन का कार्य प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में समिति कर्मचारियों की हड़ताल को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत् संबंधित समितियों के स्थान पर राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को अस्थायी रूप से समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा गया है।
धान उपार्जन कार्य के प्रभावी संचालन के लिए जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 धान उपार्जन केन्द्रों हेतु प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता, किसानों की सुविधा एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज लाईवलीहुड कॉलेज, में प्रशिक्षण दिया गया । इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज मरकाम, उप संचालक कृषि श्री मोनेश साहू , जिला खाद्य अधिकारी श्री कोर्राम, डीएमओ श्री सुनील सिंह, प्रबंधक जिला सहकारी विकास समिति श्री प्रदीप ठाकुर और समिति प्रबंधक श्री गोस्वामी उपस्थित थे।
जिला प्रशासन ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उपार्जन कार्य के निर्बाध संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा चुकी हैं, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके। इस अवसर पर अधिकारियों ने जिले के चारों विकास खंडवार धान खरीदी के अनुमानित लक्ष्य, टोकन व्यवस्था, बायोमेट्रिक धान खरीदी की व्यवस्था, बारदानों की व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक कांटा, कंट्रोल रूम , दूरभाष नंबर, समितियां को धान खरीदी पर देय भुगतान, चेक पोस्ट, संवेदनशील एवं अति संवेदनशील धान खरीदी केंद्र , केंद्रों में मानक आकार के धान का स्टेक निर्माण धान के किस्मवार स्टेट का निर्माण, धन एवं चावल उपार्जन की निगरानी हेतु विकल ट्रैकिंग कमांड सिस्टम एवं कंट्रोल सेंटर, वीटीएस, सीसीसी द्वारा अलर्ट जारी प्रणाली और जीपीएस आधारित धान आधारित निगरानी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

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