Monday, June 17

स्वामी विवेकानंद के विचारों को जन जन तक पहुंचाने और उनके नाम पर संग्रहालय बनाने पांच करोड़ की राशि देने की घोषणा 

रायपुर । केंद्रीय संस्कृति और संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रायपुर में कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट अमृत काल का पहला बजट है । जो भारत को विश्व गुरु बनाने वाला बजट है।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में एक पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने बजट में कृषि,पशुपालन,मछलीपालन करने वाले किसानों के साथ ही जेल के कैदियों , मनरेगा मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आर्थिक रूप से निकले वर्ग के लोगों का खास तौर पर ध्यान रखा है । हाथ से उत्पाद करने वाले कारीगरों का ध्यान रखा वहीं आदिवासियों , शिल्पकारों ,महिलाओं की सुरक्षा, सभी के स्वास्थ ,शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दिया गया है । उन्होंने कहा कि बजट की आलोचना ही करना है इसलिए आलोचना न करे । यह बजट 21 वी सदी के सपने को साकार करने ,विकसित भारत बनाने भारत को विश्वगुरु बनकर संसार को अपने ज्ञान का भंडार उपलब्ध कराने के लिए है । केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना नल जल योजना राज्य में अच्छी तरह से लागू नहीं हो रही है ।
राज्य के मुख्यमंत्री को बताना चाहिए केंद्र कितना पैसा दे रहा है। गोधन न्याय योजना के बारे में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि गोधन योजना किसी की नहीं, यह देश की योजना है इसकी चर्चा कई दशकों से चल रही है। इसी तरह किसानों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है कृषि ऋण की लिमिट 20 लाख करोड़ कर दी गई है इससे छत्तीसगढ़ के किसानों को भी बड़ा लाभ होगा। मनरेगा में कोई कटौती नहीं, यह बजट ऐस्टीमेट है मुख्यमंत्री भ्रम फैला रहे हैं ।केंद्र की योजनाओं पर 60-40 का निर्धारण मनमोहन सिंह द्वारा बनाई कमेटी के आधार पर आम बजट की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट में प्रधानमंत्री आवास के लिए राशि बढ़ाई गई है। देश में बहुत ज्यादा तादाद में आवास बनेंगे। इससे इस कार्य में लगे मजदूरों को देश भर में काम के अवसर बढ़ेंगे। यह समावेशी विकास का बजट है। बजट एक तकनीकी विषय है। जो लोग इसे नहीं समझते, वे कह रहे हैं कि मनरेगा की मद में कटौती कर दी है। जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मनरेगा में जो आरंभिक प्रावधान किया गया है, वह समीक्षा के आधार पर तय किया गया है। फिर समीक्षा होगी। जरूरत के अनुसार पूरक राशि का प्रावधान होगा। जो लोग कह रहे हैं कि मनरेगा में कटौती की गई है, उन्हें यह जानना चाहिए कि प्रधानमंत्री आवास मद में जो वृद्धि हुई है, उसका लाभ किसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भ्रम फैला रहे हैं। उन्हें मनमोहन सिंह सरकार के मनरेगा के बजट एस्टिमेट्स और केंद्र की मोदी सरकार के बजट एस्टिमेट्स के आंकड़े स्टडी करके जनता के सामने रखने चाहिए मोदी सरकार का बजट एस्टिमेट बहुत ज्यादा है एवं डिमांड बढ़ने पर सप्लीमेंट्री बजट में और भी प्रावधान किए जा सकते हैं क्योंकि मनरेगा डिमांड ड्रिवन स्कीम है।केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रकारों से कहा कि आपने भी बजट को सुना है, समीक्षा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावना भारत को वैश्विक नेतृत्व करने वाला देश बनाने की है। यह बजट उसी भावना का बजट है।केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि अमृत काल में कल्पना है कि भारत विकसित राष्ट्र बने। हर क्षेत्र में विकसित हो। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विकसित बने। इकोनामी के क्षेत्र में विकसित बने। परोपकार की भावना के क्षेत्र में विकसित बने और भारत संसार का नेतृत्व करे। इस सिलसिले में हमने बजट को देखा है।केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने बजट की बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र को देखें तो उसमें ऋण के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सभी जातियों के लोग हैं। आदिवासी समाज भी बड़ी संख्या में है। 12 जातियों को जो विशेष दर्जा मिलना चाहिए था, नहीं मिला था,न पानी की व्यवस्था, न मकान की, न शिक्षा की व्यवस्था। ऐसे लोगों को आदिवासी वर्ग में शामिल करके इनके लिए भी 15 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
जेलों में ऐसे लोग भी हैं, जिनका आगे पीछे कोई नहीं है। जिनकी मदद करने वाले नहीं है। वकील का खर्च करने वाला कोई नहीं है, ऐसे लोगों के लिए भी बजट में प्रावधान है अगर वो निर्दोष है तो सरकार की मदद से वकील लगाकर बाहर आकर मुख्य धारा में जुड़ सकते है और अन्य नागरिकों की तरह देश के विकास में योगदान दे सकते है।
5 जी में भारत लीड कर रहा है। भारत ने जो तकनीकी विकास किया है, वह सबके सामने है। तकनीकी का उपयोग करना चाहिए। बजट में विश्व कर्मा एक नया प्रयोग है। हाथ से काम करने वाले को विश्व कर्मा के दायरे में लाकर साधन उपलब्ध करा रहे हैं। यही तो मील का पत्थर है। समावेशी विकास है। कुछ लोग सिर्फ आलोचना के लिए आलोचना करते हैं। 21 वी सदी का सपना पूरा कर रहे हैं। भारत योग में विश्व गुरु हैं तो इसका गर्व होता है आयुर्वेद में विश्व गुरु हैं। आयुर्विज्ञान में हमने कोरोना काल में वैक्सीन विकसित की और दुनिया में भी मानवता की सेवा की। भारत सभी क्षेत्रों में नेतृत्व करेगा। भारत विकसित राष्ट्र बने, इसके लिए यह समावेशी विकास का बजट है।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास संबंधी सवाल पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि मनमोहन सिंह ने कमेटी बनाई थी। योजनाओं में केंद्र राज्य के अंश का विषय संसद में आया था। कुछ योजनाएं 50-50 में, कुछ योजनाओं में 60 -40 है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कमेटी बनाई थी। जिसमें कई राज्यों के कांग्रेस के मुख्यमंत्री भी थे जो तय किया गया था, उसी के आधार पर केंद्र की योजनाओं में राज्य और केंद्र का अंश तय हुआ है।

छत्तीसगढ़ की योजनाओं और राज्य की उपेक्षा संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यहां के मुख्यमंत्री जनता के बीच में भ्रम फैला रहे हैं। क्या प्रधानमंत्री आवास योजना उनकी है, फसल बीमा योजना भी उनकी है? हम 20 लाख करोड़ कृषि को देंगे तो यही के किसानों को सोसायटी के जरिए मिलेगा। केंद्र राज्य के बीच में प्रदेश के पिसने के सवाल पर उन्होंने कहा केंद्र भरपूर मदद कर रहा है कई बार राज्य उसे लागू नहीं करता इसीलिए केंद्र लोगों के खाते में सीधा बेनिफिट पहुंचाने की स्कीम भी लाया है किसान सम्मान निधि और फसल बीमा का पैसा सीधे खाते में जाता है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश की 30 से ज्यादा स्टेशनों का चुनाव किया गया है जिसमें प्रति स्टेशन ₹15 करोड़ खर्च कर उसे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। स्टेशनों में यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं में बढ़ोतरी के साथ साथ स्टेशनों का आधुनिकरण भी किया जाएगा।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री मेघवाल के संवाददाता सम्मेलन के दौरान सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री प्रदेश भाजपा मुख्य प्रवक्ता अजय चंद्राकर, पूर्व मंत्री व प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, विधायक पुन्नूलाल मोहले, भी उपस्थित थे।

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