
छत्तीसगढ़ के रजत महोत्सव के उल्लास के बीच बस्तर की ऐतिहासिक धरा एक बार फिर अपनी लोक संस्कृति के रंगों में रंगने को तैयार है। संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार 28 जनवरी को जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में जिला स्तरीय बस्तर पण्डुम-बस्तर का उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। अद्वितीय बस्तर सहज, सरल, उम्मीदों से भरा की थीम पर आधारित यह आयोजन बस्तर की समृद्ध विरासत और परंपराओं का एक अनूठा संगम साबित होगा।
इस एक दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ में बस्तर की माटी की महक और जनजातीय जीवन शैली जीवंत हो उठेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि इसमें कला, संस्कृति और परंपरा के सभी आयामों को शामिल किया गया है। उत्सव के दौरान जहाँ एक ओर जनजातीय नृत्य, गीत और नाटकों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएगी, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक वाद्ययंत्रों, वेशभूषा और आभूषणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी। इसके अतिरिक्त आगंतुकों को बस्तर के पारंपरिक जायके से रूबरू कराने के लिए जनजातीय व्यंजनों और पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही बस्तर की वन संपदा को दर्शाती वन औषधियाँ, जनजातीय शिल्प, चित्रकला और आंचलिक साहित्य भी इस मेले की शोभा बढ़ाएंगे।
समारोह का विधिवत शुभारंभ 28 जनवरी को प्रातः 11 बजे किया जाएगा। उद्घाटन समारोह वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और महापौर संजय पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी मौजूदगी में होगी। दिन भर चलने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव का समापन समारोह उसी शाम 5.30 बजे सिटी ग्राउंड में ही आयोजित किया जाएगा।







