Ro no D15139/23

जिंदगी की जंग में बना सहारा: आयुष्मान भारत और महारानी अस्पताल से कैंसर मरीजों को मिली नई उम्मीद

 

जगदलपुर, 07 अप्रैल 2026/कैंसर जैसी गंभीर बीमारी आज भी चिकित्सा जगत के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जो मरीजों को शारीरिक के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी प्रभावित करती है। ऐसे कठिन समय में आयुष्मान भारत योजना और जगदलपुर स्थित महारानी अस्पताल कैंसर पीड़ितों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरे हैं। यहां इलाज करा रहे कई मरीजों की कहानियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि अब सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर उपचार संभव हो पा रहा है।

जगदलपुर की निवासी अनीता महावर, जो एक छोटी किराना दुकान संचालित करती हैं, कैंसर के उन्नत (चौथे) चरण से जूझ रही हैं। प्रारंभिक उपचार के लिए उन्होंने हैदराबाद में इलाज कराया, जहां सर्जरी और अन्य प्रक्रियाओं में लगभग 20 से 25 लाख रुपये तक खर्च हो गए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद आयुष्मान कार्ड उनके लिए जीवनरेखा साबित हुआ। पिछले दो वर्षों से वे महारानी अस्पताल में उपचार ले रही हैं, जहां उन्हें निःशुल्क दवाइयों और चिकित्सकों की सतत निगरानी का लाभ मिल रहा है। वे बताती हैं कि यहां मिल रहे सहयोग ने उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत किया है और अब वे सकारात्मक सोच के साथ बीमारी का सामना कर रही हैं।

इसी अस्पताल में एक ऑटो चालक की पत्नी गौरी मिश्रा का उपचार भी जारी है। सीमित आय वाले परिवार के लिए निजी अस्पतालों का खर्च वहन करना संभव नहीं था, लेकिन सरकारी अस्पताल की सुलभ और निःशुल्क सेवाओं ने उन्हें उपचार का भरोसा दिया है।

वहीं अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग मेट्रन लक्ष्मी टांडिया भी ओवरी कैंसर से जूझ रही हैं। उन्होंने लगभग दो वर्षों तक बाहर उपचार कराया, जिसमें अत्यधिक खर्च आया। वर्तमान में वे पिछले डेढ़ माह से आयुष्मान भारत योजना के तहत महारानी अस्पताल में उपचाररत हैं, जहां उन्हें महंगी दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं।

मरीजों के अनुभव बताते हैं कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और मध्यम वर्ग के लिए इलाज की राह आसान कर दी है। अब लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी कम हुई है। महारानी अस्पताल की सुदृढ़ व्यवस्थाएं और समर्पित चिकित्सा सेवाएं न केवल उपचार प्रदान कर रही हैं, बल्कि मरीजों में नई उम्मीद और विश्वास भी जगा रही हैं।

आज महारानी अस्पताल केवल एक उपचार केंद्र नहीं, बल्कि संघर्ष कर रहे मरीजों के लिए जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

  • Related Posts

    घायल बायसन की स्थिति स्थिर, वैज्ञानिक तरीके से जारी है उपचार

      रायपुर, 07 अप्रैल 2026/ कबीरधाम जिले के पंडरिया क्षेत्र में घायल बायसन (गौर) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में प्रसारित खबरों को छत्तीसगढ़ वन विभाग ने…

    Read more

    अप्रैल में राशनकार्डधारियों को मिलेगा केरोसिन 528 किलोलीटर का आबंटन जारी

      रायपुर, 07 अप्रैल 2026/ प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली पीडीएस के तहत अप्रैल 2026 के लिए केरोसिन का आबंटन जारी कर दिया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता…

    Read more

    NATIONAL

    मेयर मीनल चौबे परेशान मोबाईल से, हमेशा बैटिंग की नीतिश ने, कोई आए जो लड़ाई छुड़वाए-ट्रम्प; वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    मेयर मीनल चौबे परेशान मोबाईल से, हमेशा बैटिंग की नीतिश ने, कोई आए जो लड़ाई छुड़वाए-ट्रम्प; वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    बिहार में अब IPS अफसरों के काम पर रखी जाएगी नजर, होगी डिजिटल मॉनीटरिंग

    बिहार में अब IPS अफसरों के काम पर रखी जाएगी नजर, होगी डिजिटल मॉनीटरिंग

    यूएस-ईरान जंग: 12 घंटे बाद खत्म होने वाला है ट्रंप का अल्टीमेटम, क्या ईरान को ‘नर्क’ बना देगा अमेरिका?

    यूएस-ईरान जंग: 12 घंटे बाद खत्म होने वाला है ट्रंप का अल्टीमेटम, क्या ईरान को ‘नर्क’ बना देगा अमेरिका?

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    SIR in Bengal: मालदा हिंसा मामले में एनआइए की जांच तेज, 40 बीएलओ तलब

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    होर्मुज नाकेबंदी के बीच अफ्रीकी देश पहुंची इंडियन नेवी वॉरशिप, बंपर नैचुरल गैस का मालिक; दूर कर सकता है भारत का LPG संकट!

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने

    ईरान ने किया रिजेक्ट, औंधे मुंह गिरा पाकिस्तान का पीस प्लान, मुनीर-शहबाज की चौधराहट फेल; भारी संकट सामने