Ro no D15139/23

तालाबों और जलाशयों में उगने वाली अजोला बनी आजीविका और प्राकृतिक खेती का आधार : ग्राम पंचायत अमाली की आदिवासी बिहान दीदियों ने पेश की प्रेरक मिसाल

धमतरी, 27 जुलाई 2026/ तालाबों और जलाशयों में उगने वाली अजोला (Azolla) को अक्सर लोग साधारण जलीय वनस्पति समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम पंचायत अमाली की आदिवासी बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इसी अजोला को आजीविका, प्राकृतिक खेती और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बना दिया है। वैज्ञानिक सोच, प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयास के बल पर यह पहल अब जिले के लिए प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रही है।

ग्राम पंचायत अमाली की कृषि सखी एवं बिहान समूह की सदस्य श्रीमती अनिता बाई मरकाम ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने घर में छोटे-छोटे टैंकों में अजोला का उत्पादन प्रारंभ किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन प्रशिक्षण के बाद पशु चिकित्सा विभाग से अजोला का बीज (कल्चर) प्राप्त हुआ। नियमित देखभाल, साफ-सफाई और वैज्ञानिक विधि से उत्पादन करते हुए आज वे लगभग 25 किलोग्राम अजोला तैयार कर चुकी हैं और भविष्य में इसका उत्पादन लगातार बढ़ाने की योजना है।
समूह द्वारा तैयार अजोला का उपयोग धान की खेती में जैविक पूरक के रूप में किया जा रहा है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, नमी का संरक्षण होता है तथा पौधों को आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में यह प्रयोग किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
अजोला केवल खेती तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग पशुपालन, मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन में पौष्टिक पूरक आहार के रूप में भी किया जा रहा है। इससे दूध देने वाले पशुओं के पोषण में सुधार, मछलियों की वृद्धि तथा मुर्गी पालन में बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। कम लागत में उपलब्ध यह स्थानीय संसाधन ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन लागत घटाने में भी सहायक बन रहा है।
श्रीमती अनिता बाई मरकाम बताती हैं कि पहले अजोला उनके लिए केवल एक नई जानकारी थी, लेकिन आज यही उनके परिवार, समूह की अन्य महिलाओं और आसपास के किसानों के लिए उपयोगी संसाधन बन चुका है। समूह की महिलाएं अपने पशुओं को अजोला खिलाने के साथ-साथ खेती में भी इसका उपयोग कर रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक लाभ के साथ प्राकृतिक खेती अपनाने का आत्मविश्वास भी मिला है।
बिहान समूह की महिलाओं का कहना है कि जिस अजोला को पहले महत्वहीन समझा जाता था, वही आज उनके लिए आजीविका का नया आधार बन गया है। सामूहिक प्रयास, प्रशिक्षण और नवाचार की सोच ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। भविष्य में समूह जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण की दिशा में भी कार्य करने की तैयारी कर रहा है। चेतन कुमार नेताम, तुषार यादव ने भी इनके इस प्रयास में सहयोग किया ।
ग्राम पंचायत अमाली की यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक एवं नवाचारी उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, किसानों की लागत में कमी तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण विकास जैसे अनेक सकारात्मक परिणाम इस मॉडल से सामने आ रहे हैं। निश्चित रूप से अमाली की बिहान दीदियों की यह पहल महिला सशक्तिकरण, प्राकृतिक कृषि और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाली एक प्रेरक सफलता की कहानी है।

  • Related Posts

    सांपों के साथ सह-अस्तित्व का संदेश, सोनबरसा में रेस्क्यू एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

      वन्यजीव संरक्षण के लिए बलौदाबाजार वनमंडल की अभिनव पहल वन अमले और युवाओं को विषैले-अविषैले सांपों की पहचान तथा सुरक्षित रेस्क्यू का दिया गया प्रशिक्षण रायपुर, 27 जुलाई 2026/…

    Read more

    पशु सखियों ने सीखा आधुनिक पशुपालन का व्यवहारिक ज्ञान शैक्षणिक भ्रमण बना ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण का माध्यम

    धमतरी, 27 जुलाई 2026। बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पशु सखियों के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण उनके लिए सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रेरक अवसर…

    Read more

    NATIONAL

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    VIDEO जंतरमंतर का सच,सनातन को गाली,

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    जंतर मंतर का सच

    जंतर मंतर का सच