
TMC Women Candidates List 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस ने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का ऐसा मॉडल पेश किया है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. इस बार टीएमसी ने 52 महिलाओं को टिकट दिया है. खास बात यह है कि इनमें से कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनका राजनीति से कभी कोई नाता नहीं था. ये वो महिलाएं हैं, जो खेतों, चाय बागानों और तंग गलियों में रहतीं हैं और अब विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं.
मीता बाग : टोटो चालक की पत्नी आरामबाग से लड़ेंगी चुनाव
हुगली जिले के आरामबाग (एससी) विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी मीता बाग की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है. तिरोल ग्राम पंचायत के एक अत्यंत गरीब दलित परिवार से आतीं हैं. उनके परिवार की आजीविका का साधन टोटो (ई-रिक्शा) है. उनके पति और बेटे दोनों टोटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. घर का काम निपटाकर मीता ने जमीन पर टीएमसी का झंडा उठाया. पार्टी के लिए काम करने वाली मीता को उसका इनाम मिला है. जिले के बड़े नेताओं को दरकिनार कर ममता बनर्जी ने उनकी मेहनत को सराहा और विधानसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया है.
रीना एक्का टोप्पो : चाय बागान की ‘आवाज’ बनीं फांसीदेवा से उम्मीदवार
दार्जिलिंग के मैदानी इलाकों से आने वाली रीना एक्का टोप्पो आज आदिवासी समाज की उम्मीद बन चुकी हैं. उनकी मां कमला चाय बागान में मजदूर थीं. 7 भाई-बहनों में सबसे बड़ी रीना ने बचपन से ही जिम्मेदारियों का बोझ उठाया. फांसीदेवा-2 ब्लॉक में पंचायत समिति सदस्य के रूप में चाय बागान के कर्मचारियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली रीना की छवि बेदाग है. उनके पति आज भी चाय फैक्ट्री में सब-स्टाफ के रूप में काम करते हैं.
बर्नाली धारा : राष्ट्रपति से सम्मानित ‘आदर्श किसान’ कुलपी से लड़ेंगीं
दक्षिण 24 परगना जिले की रहने वाली बर्नाली धारा महिला सशक्तीकरण का जीता-जागता उदाहरण हैं. एक साधारण गृहिणी से डिस्टिंग्विश्ड फार्मर (Distinguished Farmer) बनने तक का सफर तय कर चुकीं हैं. राष्ट्रपति से दिल्ली में सम्मानित हो चुकीं हैं. उन्होंने लगभग 2,000 महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के जरिये सूरजमुखी, नारियल की खेती और पशुपालन से
जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया है
सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अब उन्हें मौका दिया है कि वह बंगाल विधानसभा का चुनाव लड़कर विधायक बनें और राज्य की महिलाओं के अपलिफ्टमेंट के लिए काम करें.






