
सोमवार को भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन शिव चालीसा का पाठ करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, कष्ट दूर होते हैं और जीवन में शांति-सौभाग्य की वृद्धि होती है। जानें आज शिव चालीसा पढ़ने का शुभ समय और इसका धार्मिक महत्व.
हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित माना गया है. यह दिन शिव उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि सोमवार को पूजा, मंत्र-जप और शिव चालीसा का पाठ करने से भगवान शिव तुरंत प्रसन्न होते हैं. भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, मंदिर जाते हैं और जलाभिषेक करते हैं, ताकि जीवन की बाधाएँ दूर हों और सुख-समृद्धि बढ़े.
शिव चालीसा पढ़ने का सही समय
सोमवार को शिव चालीसा का पाठ ब्रह्म मुहूर्त में करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि यह संभव न हो तो सूर्योदय के बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनकर भी पाठ किया जा सकता है. शाम के समय प्रदोष काल—यानी सूर्यास्त के करीब का समय—भी शिव चालीसा पढ़ने के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है. इस समय किया गया पाठ मन को शांति देता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाता है.
शिव चालीसा पढ़ने का महत्व
शिव चालीसा के नियमित पाठ से मन की अशांति दूर होती है और जीवन में स्थिरता आती है. सोमवार को यह पाठ करने से विशेष रूप से स्वास्थ्य समस्याएँ कम होने, आर्थिक स्थिति बेहतर होने और रिश्तों में मधुरता बढ़ने का आशीर्वाद मिलता है. शिव चालीसा का पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सद्भाव, साहस और आत्मविश्वास बढ़ाता है. माना जाता है कि जो भक्त सोमवार को भक्तिभाव से शिव चालीसा पढ़ते हैं, उन्हें भोलेनाथ उनकी मनोकामनाएँ अवश्य पूरी करते हैं.








