Monday, June 17

सांप्रदायिकता विरोधी कानून पर भाजपा का भड़कना चोर की दाढ़ी में तिनका-कांग्रेस

*देश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून क्यों नहीं बनाती मोदी सरकार*

रायपुर/12 जनवरी 2023। सांप्रदायिकता भड़काने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही के निर्देश का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सांप्रदायिकता विरोधी कानून किसी एक धर्म संप्रदाय, जाति के विरोध में नहीं है। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई किसी भी संप्रदाय का व्यक्ति यदि सांप्रदायिकता फैलाता है दंगे जैसी समाज विरोधी गतिविधि में शामिल होता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी। भारतीय जनता पार्टी का सांप्रदायिकता फैलाने वालों के खिलाफ रासुका की कार्यवाही पर भड़कना चोर की दाढ़ी में तिनका के समान है। भाजपा को क्यों परेशानी हो रही है। भाजपा के विरोध से साफ हो रहा है कि इस कानून के इस्तेमाल से उसका सांप्रदायिकता फैलाने का नापाक षड़यंत्र बाधित होगा। कानून अपराधियों के लिये होता है कानून का पालन करने वालों को कानून के कठोर प्रावधानों से करने की जरूरत नहीं होनी चाहिये।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिकता फैलाने वालों पर कड़े कानूनी प्रावधानों से इसलिये डर रही है कि उसे लगता है कि उसके द्वारा प्रदेश की फिजां खराब करने का जो षड़यंत्र समय-समय पर चलाया जाता है कड़े कानून से उसको ज्यादा नुकसान होगा।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी धर्मांतरण और सांप्रदायिकता पर सिर्फ राजनीति करना चाहती है। वह नही चाहती इस समस्या का कोई ठोस निदान हो। सुप्रीम कोर्ट धर्मांतरण पर चिंतित है वह देश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनने की वकालत कर रही है। ऐसे में मोदी सरकार इस मामले पहल कर शीघ्र कानून बनाना चाहिये। अलग-अलग राज्य धर्मांतरण के मामले में कानून बना रहे है। लेकिन जब यह समस्या पूरे देश की है तब एक राष्ट्र एक कानून के सिद्धांत का पालन धर्मांतरण में भी होना चाहिये।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सांप्रदायिकता फैलाने पर रासुका लगाये जाने को अपातकाल बताये जाने के पहले अपने केंद्र सरकार के असहिष्णु चरित्र के बारे में आत्म मंथन करना चाहिये। जहां पर असहमति को दमन किया जाता है सरकार के खिलाफ बोलने वालों को प्रताड़ित किया जाता है संवैधानिक संस्थाओं की स्वात्यता समाप्त कर दी गयी है। समाचार माध्यम, न्यायालय प्रजातांत्रिक संस्थाओं को स्वतंत्रतापूर्वक काम नहीं करने दिया जा रहा छत्तीसगढ़ में भाजपाई सांप्रदायिकता फैलाने पर कड़ी कानून कार्यवाही की घोषणा पर तिलमिला रहे हैं।

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