Ro no D15139/23

कृत्रिम गर्भाधान योजना से बीजापुर के सुरेश राजपूत के पशुधन में हुआ नस्ल सुधार

*उन्नत नस्ल की बछिया के जन्म से बढ़ी पशुपालन से आय की उम्मीद, योजना से मिली आर्थिक मजबूती*

 

रायपुर, 23 जुलाई 2026/ पशुपालन में उन्नत नस्ल की बछिया का जन्म किसानों और पशुपालकों के लिए आय में भारी वृद्धि का एक प्रमुख साधन बन गया है। वैज्ञानिक तरीकों और उन्नत प्रजनन से बछियों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सकती है। इससे दूध उत्पादन, डेयरी व्यवसाय और आजीविका में कैसे सुधार हो रहा है। एक स्वस्थ बछिया भविष्य की एक स्थायी दुधारू इकाई है, जो आने वाले वर्षों में लगातार आय का मुख्य स्रोत बनती है।

 

*कृत्रिम गर्भाधान योजना पशुपालकों के लिए हो रही है वरदान*

 

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के बीजापुर के वार्ड क्रमांक 11 निवासी श्री सुरेश राजपूत के लिए पशुधन विकास विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में वरदान साबित हो रही है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन करने वाले श्री राजपूत ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने पशुधन में नस्ल सुधार की दिशा में एक अहम सफलता हासिल की है।

 

*मोबाइल वेटरिनरी यूनिट से मिली प्रेरणा*

 

खेती को अपनी मुख्य आजीविका मानने वाले सुरेश राजपूत बताते हैं कि जब श्मोबाइल वेटरिनरी यूनिटश् (डटन्) बीजापुर की टीम ने उन्हें पशुधन विकास विभाग की कृत्रिम गर्भाधान योजना और इसके दूरगामी फायदों के बारे में जानकारी दी, तो उन्होंने इसे आजमाने का फैसला किया। योजना की प्रक्रिया के तहत, पशु के हीट में आने पर उन्होंने 1962 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से मोबाइल वेटरिनरी यूनिट को सूचना दी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम तुरंत उनके घर पहुंची और पशु का कृत्रिम गर्भाधान किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके घर उन्नत नस्ल की एक स्वस्थ मादा बछिया ने जन्म लिया।

 

*दुग्ध उत्पादन बढ़ने और बेहतर आय की उम्मीद*

 

इस उपलब्धि से उत्साहित सुरेश राजपूत का कहना है कि कृत्रिम गर्भाधान न केवल पशुओं की नस्ल सुधारता है, बल्कि भविष्य में दुग्ध उत्पादन में भी काफी बढ़ोतरी करता है। इससे पशुपालकों की आय में सीधे वृद्धि होगी और ग्रामीण परिवारों के लिए आत्मनिर्भरता व आर्थिक मजबूती का मार्ग प्रशस्त होगा। अब वे लगातार अपने अन्य पशुओं का भी कृत्रिम गर्भाधान करा रहे हैं और क्षेत्र के अन्य पशुपालकों को भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए जागरूक कर रहे हैं।

 

*पशुधन विकास विभाग का जताया आभार*

 

श्री राजपूत ने समय पर मिली तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन के लिए पशुधन विकास विभाग तथा मोबाइल वेटरिनरी यूनिट, बीजापुर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। सुरेश राजपूत की यह सफलता साबित करती है कि सही समय पर मिली सही जानकारी, तकनीकी सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण पशुपालक अपने पशुधन की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ अपनी आजीविका को सशक्त बना सकते हैं।

  • Related Posts

    अम्बिकापुर में नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन का वर्चुअल भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न’

    मान. छ.ग. उच्च न्यायालय के मान. मुख्य न्यायमूर्ति श्री जस्टिस रमेश सिन्हा ने किया वर्चुअल भूमि पूजन एवं शिलान्यास अम्बिकापुर 18 अगस्त 2026/  सरगुजा जिला में न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार की…

    Read more

    नशे के खिलाफ युवाओं ने बुलंद की आवाज, जिलेभर में चला जागरूकता अभियान

    नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हुए जागरूकता कार्यक्रम, युवाओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प   धमतरी, 18 अगस्त 2026। युवाओं…

    Read more

    NATIONAL

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    युवाओं के लिए CM योगी की नसीहत, ड्रग्स और स्मार्टफोन के नशे से रहें दूर

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    UP Election 2027: हैट्रिक के मिशन पर CM योगी का मास्टर प्लान तैयार, एक फैसले से बढ़ सकती है विपक्ष की मुश्किल

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया भारत का वोटर आईडी सिस्टम, ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर की तारीफ

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    रांची के पहाड़ी मंदिर समेत शिवालयों में उमड़ेगी भीड़, जानें सावन सोमवार और नाग पंचमी पूजा का विशेष महत्व

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल