
एक सप्ताह का विशेष नशामुक्ति अभियान चलेगा, स्कूल-कॉलेजों से लेकर सामाजिक संस्थाओं की होगी सक्रिय भागीदारी
धमतरी, 6 अगस्त 2026/ कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले में नशामुक्ति अभियान के प्रभावी संचालन एवं जनभागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला युवा अधिकारी श्रीमती श्रुति डोंगरे, समाज कल्याण विभाग, आयुष विभाग के अधिकारी, विभिन्न स्वयंसेवी एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हम अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में सफल होंगे, तो धमतरी को एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त जिला बनाने का लक्ष्य सहज रूप से प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से इस जनअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के आह्वान के अनुरूप जिले में एक सप्ताह का विशेष नशामुक्ति अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक समाज एवं संस्था अपने स्तर पर सात दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। उन्होंने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, योग, ध्यान एवं सकारात्मक जीवनशैली पर आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कबीर समाज द्वारा मगरलोड एवं बोरई क्षेत्र में किए जा रहे जनजागरूकता कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने अन्य संस्थाओं से भी ऐसे प्रयासों को व्यापक बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्रत्येक रविवार को विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा सोशल मीडिया, जनसंपर्क माध्यमों एवं स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। स्कूलों एवं महाविद्यालयों में चित्रकला, निबंध, भाषण, रैली, वॉल पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, फिजिकल ट्रेनिंग, सेल्फ डिफेंस, मोबाइल एडिक्शन जागरूकता, योग एवं परामर्श सत्र जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही युवाओं, पालकों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित कर नशे के दुष्परिणामों के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित की जाएगी।
बैठक में अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने, विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता से प्रत्येक विकासखंड में प्रभावी गतिविधियां आयोजित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
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