अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2025 : चुनौतियों से आगे बढ़ने की जिद का अवसर (आलेख : संध्या शैली)
संयुक्त राष्ट्र संघ का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2025 का आह्वान महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी देने का है। लेकिन यह रास्ता कितना लंबा है, यह हाल की कई…
Read moreवरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर शर्मा की बात…पत्थर को शिकायत है कि, पानी की मार से टूट रहे है हम । पानी का गिला ये है कि , पत्थर हमें खुलकर बहने नही देते ।।
बात बेबाक चंद्र शेखर शर्मा (पत्रकार)9425522015 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभ कामनाये होलिका , सीता हो या पद्मावती समाज उन्हीं औरतों को पूजता है जो जल के…
Read moreदाल देख और दाल का पानी देख! (व्यंग्य-आलेख : संजय पराते)
रोटी के साथ दाल मिलना भी अब नसीब की बात है। आज की ताजा खबर है कि बाजार में दाल का संकट आने वाला है, क्योंकि सरकारी दाल…
Read moreराहुल,उद्धव का दुख, समझे न हवा का रूख उमर ने बदली चाल, कामयाब उमर-फारूख 0 वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
कांग्रेस के खिवैया राहुल गांधी का रवैया हमेशा से अकड़ू रहा है। उनके दर पर आए किसी भी याचक से वे ऐंठ जाते हैं बजाए अपनी और उसकी वास्तविक…
Read moreपच्चास साल बाद होने वाली परिसीमन को लेकर चिंताएँ
राजकोषीय संघवाद और संस्थागत ढांचे को मज़बूत करके, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि राजनीतिक निष्पक्षता जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के साथ मिलीजुली हो, जिससे एक सुसंगत और एकजुट भारत को…
Read moreपढ़ने की संस्कृति : केरल का अनूठा लाइब्रेरी आंदोलन (आलेख : हरलीन कौर)
बीसवीं सदी में किसानों और मज़दूरों के नेतृत्व में ज़मींदारी प्रथा के ख़िलाफ़ अनेक लड़ाइयां लड़ी गईं। ज़मींदारों ने किसानों का उत्पीड़न कई तरीक़ों से किया था, जिनमें किसानों…
Read moreविलंब के कारण न्याय से वंचित: न्यायालयों में अनसुलझे मामलों की बढ़ती हुई संख्या
भारतीय न्यायालयों में अनसुलझे मामलों का मुद्दा एक बड़ी चुनौती है, जिसने न्याय प्रणाली को गहराई से प्रभावित किया है। लंबित मामलों की बढ़ती संख्या न्याय प्रदान करने के लिए…
Read moreछत्तीसगढ़ नगर निकायों के चुनाव : भाजपा की जीत में आश्चर्य नहीं, तो कांग्रेस की हार में दुख नहीं (टिप्पणी : संजय पराते)
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 173 नगर निकायों, जिनमें 10 नगर निगम, 49 नगर पालिका परिषद तथा 114 नगर पंचायत शामिल हैं, में हुए चुनावों के नतीजे घोषित हो गए…
Read moreपरंपरा से आतंक तक: क्यों क्रूर बदमाशी का रूप ले रही है रैगिंग?
रैगिंग को अक्सर एक संस्कार के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जो नए छात्रों को उच्च शिक्षा संस्थानों में परिसर में जीवन को समायोजित करने में सहायता करता है।…
Read moreनहीं होते अटल बिहारी तो…. जाॅन अब्राहिम ने दिखाया परमाणु परीक्षण….वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी खरी
वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…. जाॅन इब्राहिम की एक बेहतरीन, रोमांच पैदा कर देेने वाली फिल्म आई थी परमाणु। इसमें दिखाया गया था कि किस तरह अमेरिका की…
Read more















