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छत्तीसगढ़ विधानसभा: नेता प्रतिपक्ष ने सीएम साय को दिया धन्यवाद, बिजली दामों में बढ़ोतरी पर विपक्ष ने लाया था स्थगन, सरकार के जवाब से संतुष्ट हुआ विपक्ष

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष में इतिहास बन गया. बिजली दर में वृद्धि पर विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव आसंदी ने अस्वीकार्य कर दिया.लेकिन प्रस्ताव अस्वीकार्य होने के बाद भी विपक्ष ने हंगामा नहीं किया. वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा विषय को गंभीरता से लेने पर आभार जताया. इस पर सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाई.

शून्यकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने बिजली दर में वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली दर में वृद्धि से पूरा छत्तीसगढ़ परेशान है. गरीबों को बिजली दर में वृद्धि आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है. विपक्ष ने जो स्थगन दिया है, उस पर चर्चा होनी चाहिए.

इस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में वक्तव्य देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है. यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घरेलू विद्युत दरों में केवल 10 से 20 पैसे तक की मामूली वृद्धि की गई है, जबकि कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है — जिसका सीधा असर किसानों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह राशि शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में पहले से अग्रिम भुगतान की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े. सरकार किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखने हेतु मिनी स्टील, रोलिंग मिल और फेरो एलॉय जैसे ऊर्जा-गहन उद्योगों की दरों में कटौती की है. यह निर्णय उद्योगों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

कोरबा में 1320 मेगावॉट का नया प्लांट

वर्तमान टैरिफ में केपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान का भी समावेश है जिसके अंतर्गत ट्रांसमिशन कंपनी के लिए ₹2433 करोड़, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के लिए ₹3977 करोड़ और जनरेशन कंपनी के लिए ₹2992 करोड़ का प्रावधान है. कोरबा में 1320 मेगावॉट के प्लांट की स्थापना का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है, जिसकी लागत ₹15,800 करोड़ है. इससे छत्तीसगढ़ भविष्य में ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनेगा और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी.

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