Thursday, May 23

छत्तीसगढ़ का पहला और विराट ज्योतिष सम्मेलन कल

 

ज्योतिष आचार्यों के आशीर्वचन से महकेगा छत्तीसगढ़
0 छत्तीसगढ़ का पहला और विराट ज्योतिष सम्मेलन कल
0 देश-दुनिया के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य, वास्तुविद होंगे शामिल
0 सुबह से शाम तक चलने वाले व्याख्यान में पढ़ेंगे अपना शोधपत्र
0 ज्योतिष शास्त्र को संवारने वाले संतों का होगा सम्मान

रायपुर। 5 अप्रैल, शुक्रवार। भगवान श्रीराम का ननिहाल छत्तीसगढ़ श्रृंगी, वाल्मीकि, अत्रि, अगस्त्य, सुतीक्ष्ण और ऋषि माण्डुक्य की तपोभूमि है। यहां के कण-कण में इन ऋषि-मुनियों और संत-महात्माओं के आशीर्वचन बिखरे हैं। ये पावन भूमि शनिवार, 6 अप्रैल को और भी पवित्र, पावन होने जा रही है। यहां छत्तीसगढ़ का पहला और विराट ज्योतिष सम्मेलन होने जा रहा है। रायपुर के अमलेश्वर स्थित श्री महाकाल धाम में देश-दुनिया में ज्योतिष शास्त्र को लेकर आयोजित इस महाचर्चा में शामिल होने के लिए देशभर के विख्यात ज्योतिषी, वास्तु शास्त्री, अंक ज्योतिषी, टैरो कार्ड रीडर, आचार्य, महामंडलेश्वर रायपुर पहुंचने लगे हैं। शनिवार 6 अप्रैल को सुबह से पवित्र पावन खारून नदी के तट पर स्थित श्री महाकाल धाम, अमलेश्वर में विराट ज्योतिष सम्मेलन का शुभारंभ होगा। सम्मेलन में आने वाले ज्योतिष मनीषियों का मौके पर ही नि:शुल्क पंजीयन होगा। इसके बाद सम्मेलन में आने वाले लोगों की नि:शुक्ल जन्म कुंडली बनाई जाएगी। उनका अध्ययन कर नि:शुल्क परामर्श भी दिया जाएगा। श्री महाकाल धाम अमलेश्वर के सर्वराकार पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी और सम्मेलन की संयोजिका डॉ. शिखा पांडेय ने बताया कि इस भव्य और दिव्य आयोजन में लोगों की निजी समस्या और सवालों का समाधान किया जाएगा। साथ ही ज्योतिषियों, वास्तु शास्त्रियों, आचार्यों, महामंडलेश्वरों, महंतों के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड को लेकर उनके हर प्रश्न का उत्तर दिया जाएगा। सुबह 10 बजे भगवान महाकाल की आरती के साथ शुभारंभ होगा। फिर दोपहर और रात्रि के 8 बजे तक होने वाले विराट ज्योतिष सम्मेलन में देशभर के प्रख्यात ज्योतिषी अपना व्याख्यान और शोधपत्र पढ़ेंगे। साथ ही ज्योतिष की विविध विधाओं को लेकर लोगों का शंका समाधान भी करेंगे।
श्री महाकाल धाम अमलेश्वर के सर्वराकार पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी और सम्मेलन की संयोजिका डॉ. शिखा पांडेय ने बताया कि विराट ज्योतिष सम्मेलन अमलेश्वर स्थित श्री महाकाल धाम में होने जा रहा है। सम्मेलन में शामिल होने वाले लोगों की विवाह, संतान, विदेश यात्रा, कर्ज से मुक्ति, बीमारियों से छुटकारा, श्राप तथा पापों से मुक्ति के शास्त्रीय उपाय को लेकर सभी प्रश्नों का समाधान किया जाएगा। साथ ही इनसे होने वाली हानि की वजह और उनसे बचने के ज्योतिषीय उपाय बताए जाएंगे। उन्होंने बताया कि श्री महाकालधाम परिसर, अमलेश्वर में स्वयंभू सिद्ध महाकाल की शिवलिंग है। गर्भ गृह में भगवान श्री महाकाल का पूजन अभिषेक सभी के लिए निःशुल्क होगा। साथ ही सभी के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई है। कार्यक्रम में सभी से सपरिवार उपस्थित होने की अपील की गई है।
आयोजक मंडल के स्वामी सर्वेश्वरानंद, जो सुरेश्वर पीठ के संस्थापक हैं, उन्होंने बताया कि ज्योतिष सम्मेलन में शामिल होकर अपना व्याख्यान देने वाले तीन श्रेष्ठ वक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा शोधपत्र, विशेष उपलब्धियां दर्ज करने वाले ज्योतिष मनीषियों को अलग-अलग कैटेगिरी के सम्मान से विभूषित किया जाएगा। ज्योतिषी एवं वास्तु विशेषज्ञों को उनके जीवन में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्री महाकाल धाम अमलेश्वर छत्तीसगढ़ का एक मात्र ऐसा तीर्थ है, जहां पिछले 20 वर्षों से फलाश विधि के द्वारा नारायण नागबली, कालसर्प की पूजा, विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण के लिए कुंवारे युवाओं ने अर्क विवाह और कन्याओं ने कुंभ विवाह और विशेष अनुष्ठान पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी ‌द्वारा कराए जा रहे हैं।
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