Ro no D15139/23

प्रभु श्री राम कथा में श्रद्धाभाव से शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से श्रीराम कथा का हो रहा दिव्य एवं भावपूर्ण वाचन
रामकथा की अमृतमयी धारा में सराबोर हुआ जनमानस, कथा का रसपान करने उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भारी भीड़

जशपुरनगर 06 अप्रैल 2026/ कुनकुरी में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव ने जन-जन के हृदय में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संचार कर पूरे वातावरण को राममय बना दिया है। परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू जी के श्रीमुख से अमृतमयी श्री राम कथा का रसपान करने हेतु आज पंचम दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आयोजन स्थल सलियाटोली मिनी स्टेडियम ग्राउंड पहुँचे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी साथ थी। मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी ने संत चिन्मयानंद बापू जी से आशीर्वाद ग्रहण किया।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में भगवान श्री राम के आदर्श जीवन और चरित्र का वर्णन करते हुए उसे अपने जीवन में आत्मसात करने का सार्थक संदेश भी दिया।
छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री ने कुनकुरी में प्रभु श्रीराम कथा रसपान के इस पावन आयोजन में व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी को सादर नमन किया और कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। सलियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है।  चारों तरफ ‘जय श्री राम‘ की गूंज सुनाई दे रही है। भक्ति का ऐसा संगम देखकर मन गदगद है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा रिश्ता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है। यह भगवान श्रीराम का ननिहाल है। जहाँ भांजे के रूप में भगवान श्रीराम घर-घर में पूजे जाते हैं। जब भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास हुआ, तब उन्होंने अपना सबसे अधिक समय इसी दंडकारण्य व छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया। यहाँ के कण-कण में राम व्याप्त हैं। वनवास के समय के यहां पर सीता रसोई जैसे कई निशाना मौजूद हैं। यहाँ की मिट्टी में राम की खुशबू है। यह हम सब का सौभाग्य है कि हमने उस कालखंड में जन्म  लिया, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम फिर से प्रतिष्ठित हुए हैं। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने भारत को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से यह संभव हो सका है।  प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि हम प्रभु श्रीराम के ननिहाल के श्रद्धालुओं को श्रीराम लला के दर्शन कराएंगे। सरकार बनते ही श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है। अभी तक लगभग 42 हजार भक्त रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में तो प्रभु श्रीराम की भक्ति विशेष रूप से दिखाई देती है, जहां रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में  राम का नाम बसाए हुए हैं। वे अपनी आस्था और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने पूरे शरीर पर राम-राम का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां भेजी गई थीं। यह विशेष भोग, ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में भेजा गया था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में राम भक्तों के लिए स्वास्थ्य जांच और उपचार की सेवाएं प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है। इस कानून में शामिल कड़े प्रावधानों के माध्यम से निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्री सुनील अग्रवाल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित भारी संख्या में श्रद्धालुजन भी मौजूद रहे।
02 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 08 अप्रैल तक निरंतर होती रहेगी प्रवाहित
परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 02 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 08 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्री राम कथा महोत्सव को लेकर कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

  • Related Posts

    घोड़ों के रोमांचक करतब बढ़ाएंगे स्वतंत्रता दिवस समारोह की भव्यता धमतरी के मुख्य समारोह में पहली बार घुड़सवार दिखाएंगे अद्भुत करतब

      घुड़सवारी प्रदर्शन की हुई रिहर्सल धमतरी, 14 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कल 15 अगस्त को धमतरी में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह देशभक्ति, गौरव और रोमांच…

    Read more

    स्वतंत्रता दिवस 2026- रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे ध्वजारोहण

      राजनांदगांव जिला मुख्यालय में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ध्वजारोहण करेंगें जिलों में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को सौंपी गई जिम्मेदारी रायपुर, 14 अगस्त 2026/ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त…

    Read more

    NATIONAL

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    15 अगस्त पर Instagram Post को बनाएं यादगार, तिरंगे वाली फोटो के लिए देखें 25+ कैप्शन

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    पाकिस्तान में कैसे ‘जिहाद’ बना State Policy? General Zia ने 1979 में बदली रणनीति, तैयार हुआ ‘Proxy War’ का मॉडल

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    होर्मुज पर ट्रंप की ‘स्टील की दीवार’ वाले दावे को ईरान ने नकारा, कहा- शर्तें माने अमेरिका तभी खुलेगा रास्ता

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    2007 वाला करिश्मा दोहराएंगी मायावती? यूपी में अखिलेश-योगी के बीच BSP का ‘कमबैक प्लान’ तैयार!

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर CM योगी की चुटकी, दावत का जिक्र कर मंच से पूछ लिया ऐसा सवाल… सब रह गए हैरान

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!

    रात 9 बजकर 04 मिनट से शुरू होगा सूर्य ग्रहण, जानिए कहां और कैसे दिखेगा यह दुर्लभ नजारा!