Monday, June 17

सीएम बघेल हिमाचल के विधायकों से पूछेंगे मुख्यमंत्री का नाम

0 यहां के चुनाव में ऑब्जर्वर थे भूपेश, पांच साल बाद कांग्रेस की सत्ता में हुई वापसी, सीएम चेहरे को लेकर फंसा पेंच
रायपुर। हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा इसका जवाब आज मिल सकता है। शिमला में इसी मसले पर बैठक होनी है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौजूद रहेंगे। बघेल को हिमाचल चुनाव का कांग्रेस की ओर से ऑब्जर्वर बनाया गया है। सभी विधायकों से मुख्यमंत्री पद को लेकर भूपेश बघेल रायशुमारी करेंगे। जानकारी के मुताबिक हिमाचल कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज दोपहर 3 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में होगी। बैठक में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद शाम को कांग्रेस विधायकों के लिए शिमला में डिनर का भी आयोजन किया गया है। विधायकों के एक प्रस्ताव पारित करने और मुख्यमंत्री के लिए अंतिम आह्वान करने के लिए पार्टी के आलाकमान को अधिकृत करने की संभावना है।
प्रतिभा सिंह के नाम की चर्चा: कांग्रेस के लिए प्रतिभा सिंह सहित विभिन्न उम्मीदवारों के बीच अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनना एक बड़ा काम है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख सुखविंदर सिंह सुक्खू और सीएलपी नेता मुकेश अग्निहोत्री को इस पद के अन्य दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है।
पांच साल बाद कांग्रेस की सत्ता में हुई वापसी: गुरुवार को घोषित परिणामों में हिमाचल प्रदेश में पांच साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई है। 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर 40 सीटें जीतीं। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने जहां 40 सीटें जीतीं, वहीं बीजेपी ने 25 सीटों पर जीत हासिल की। निर्दलीयों ने तीन सीटें जीतीं और आप राज्य में अपना खाता खोलने में विफल रही।
पूर्ण बहुमत के बाद बदली रणनीति: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला है। पहले कहा गया कि हिमाचल प्रदेश के जीते हुए कांग्रेस विधायकों को चंडीगढ़ के रास्ते रायपुर लाया जाएगा लेकिन स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस की रणनीति में बदलाव हुआ है। अब सभी विधायक शिमला में हैं। इसलिए वहीं बैठक की जा रही है।
भूपेश बघेल का बड़ा रोल: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का भी अहम रोल है। भूपेश बघेल ने हिमाचल प्रदेश में कैंपेन किया। पार्टी की रणनीति बनाने में भी उनका रोल था। यही कारण था कि कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश का पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। अब सीएम चुनने की जिम्मेदारी में भी भूपेश बघेल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस पार्टी के टॉप लीडरों में से एक हैं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद ये चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि प्रियंका गांधी और भूपेश बघेल का जादू हिमाचल प्रदेश में चल गया है। शायद इसलिए पार्टी लगातार भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दे रही है और सीएम भूपेश बघेल ने हिमाचल प्रदेश में अपनी काबिलियत भी साबित कर दी है। लडख़ड़ाते कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश में जीत के बाद चुनावी मैदान में एक बार फिर खड़ा होने का मौका मिल गया है।
पार्टी में बढ़ रहा कद: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का चुनावी रिकॉर्ड बताते हैं कि भूपेश बघेल संगठन मजबूत करने से लेकर सत्ता में वापसी के लिए तगड़ी मेहनत करते हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में भी सीएम भूपेश बघेल ने सीनियर ऑब्जर्वर बनाए जाने के बाद दर्जन भर दौरे किए हैं। प्रचार अभियान के दौरान भी भूपेश बघेल प्रियंका गांधी के साथ खड़े रहे हैं। इसके साथ ये देखा गया कि चुनावी संभाओं में अक्सर छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा भी होती थी।
सीएम चेहरे को लेकर फंसा पेंच: हिमाचल में कांग्रेस के ष्टरू चेहरे को लेकर पेंच फंस गया है। अब तक हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और प्रचार समिति अध्यक्ष सुखविंदर सुक्खू फ्रंट रनर थे। अब मुकेश अग्निहोत्री, राजेंद्र राणा ठाकुर, चंद्र कुमार और धनीराम शांडिल भी रेस में आ गए हैं।सीएम चेहरे पर अंतिम फैसला आज शिमला स्थित कांग्रेस कार्यालय में होना है। विधायक दल की मीटिंग शुरू हो चुकी है। कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला, ऑब्जर्वर भूपेश बघेल और भूपेंद्र हुड्डा शिमला पहुंच गए हैं। उधर, विवाद की आशंका के चलते प्रियंका गांधी ने पहले ही दावेदारों की लिस्ट मंगा ली थी। उन्होंने 8 प्वाइंट्स में जानकारी मांगी थी। हालांकि, इन प्वाइंट्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई।
कांग्रेस के हिमाचल प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा, हमें बहुमत प्राप्त हुआ। निर्वाचित विधायकों को बुलाया है, और एक अनौपचारिक बैठक करके हम पार्टी आलाकमान को सूचित करेंगे। वही फैसला लेंगे।  छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल बोले, हर कोई काम कर रहा था। पार्टी प्रमुख के रूप में मल्लिकार्जुन खडग़े के नेतृत्व में यह पहली जीत है। हाईकमान जो भी फैसला करेगा वही फाइनल होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *