
कलेक्टर संबित मिश्रा ने आज जिला कार्यालय के सभा कक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने निर्देशित किया कि ऐसे डेफ (deaf) खाते, जो पिछले 10 वर्षों से संचालित नहीं हैं या बंद पड़े हैं, उनकी पहचान कर उनमें शेष राशि का विधिवत आहरण करते हुए शासन को प्रेषित किया जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने एनसीईआर (NCER) डाटा के समयबद्ध अपडेशन को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक प्रविष्टियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं ताकि शासन स्तर पर सटीक एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो सके।
बैठक में नियद नेल्लानार क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे सैचुरेशन शिविरों तथा वहां संचालित विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और किसी भी पात्र हितग्राही को वंचित न रखा जाए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता एवं गति दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर मिश्रा ने नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए इनके शत-प्रतिशत सैचुरेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन वर्गों को शासन की सभी पात्र योजनाओं से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, फील्ड में सक्रिय रहने तथा जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।








