
कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की ली बैठक
कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के दिए निर्देश
– उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निरंतर करें मानिटरिंग
*- मितानिनों के माध्यम से गर्भवती माताओं के एनएनसी जांच, उपचार एवं देखभाल तथा निगरानी के दिए निर्देश*
*- प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा को तीन दिन तक शासकीय एवं निजी हास्पिटल में डॉक्टर की देखरेख में रखने के लिए कहा*
*- संवेदनशीलता के साथ करें जरूरतमंदों की मदद*
*- कम वजन वाले नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की प्रारंभिक अवस्था से ही करें देखरेख*
राजनांदगांव 11 फरवरी 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि जिले में बाल एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समर्पित एवं प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सक्रियता एवं ईमानदारी से कार्य करें। जिले में किसी भी महिला एवं नवजात शिशु की मृत्यु न हो, इसके लिए हरसंभव कार्य करें। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निरंतर मानिटरिंग करें एवं समय पर गर्भवती माताओं को हॉस्पिटल लेकर जाएं। कलेक्टर ने सभी मितानिनों के माध्यम से गर्भवती माताओं के एनएनसी जांच, उपचार एवं देखभाल तथा मानिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गर्भवती माताओं एवं उनके परिजनों की काउंसलिंग करें। उन्होंने शिशु एवं मां की देखभाल के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं जागरूकता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सावधानी एवं सतर्कता के बारे में बताएं। उन्होंने शिशु मृत्यु दर के कारणों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु का वजन कम होना एवं स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को दूर करने के लिए गर्भवती माताओं के पौष्टिक आहार, गतिविधि और वजन बढ़ाने के लिए दी जाने वाली आवश्यक दवाई एवं आहार की पूर्ण जानकारी प्रदान करें। कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की रोकथाम के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने के लिए कहा। ऐसे नवजात बच्चों का चिन्हांकन कम करें, जिनका वजन कम हो और प्रारंभिक अवस्था से ही उनके स्वास्थ्य की देखरेख पर ध्यान दें। प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा तीन दिन तक शासकीय एवं निजी हास्पिटल में डॉक्टर की देखरेख में रखने के लिए कहा।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने स्वस्थ रहने के लिए जीवन शैली में परिवर्तन लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग समन्वित तरीके से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी बीमारी को कम करने के लिए जनमानस में जागरूकता लाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंदों की मदद करें और उन्हें स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि जनमानस तक शासन की योजनाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाएं तथा स्वास्थ्य संबंधी मापदण्ड पर उत्कृष्ट कार्य करें। कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कंगारू मदर केयर के लिए प्रशिक्षण देने के लिए कहा। उन्होंने वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदन कार्ड, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम, शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य संबंधी अधोसंरचना की जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों में शीघ्र निर्माण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में 102 एंबुलेंस की उपलब्धता, मानव संसाधन, आधार बेस्ट एटेंडेंस, एनएनसी रजिस्ट्रेशन एवं जांच की समीक्षा की। उन्होंने आभा कियोस्क सेंटर के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर ओपीडी के लिए किए जा रहे कार्यों का क्रियान्वयन करने के लिए कहा। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि मातृमृत्यु दर में कमी लाने के लिए सजग रहते हुए व्यवहार परिवर्तन की जरूरत है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, डीपीएम संदीप ताम्रकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।








