
कमिश्नर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बकावंड में ओपीडी, आईपीडी और पोषण पुनर्वास केन्द्र का जायजा लिया। उन्होंने यहां पर मरीजों को बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरे विकासखंड के चिन्हित कुपोषित बच्चों को रोस्टर अनुसार पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार सुविधाएं मुहैया करवाने हेतु स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को समन्वित पहल किए जाने कहा। वहीं मोतियाबिंद जांच एवं उपचार के तहत दोनों आंखों में पीड़ित मरीजों को प्राथमिकता देकर महारानी अस्पताल में आपरेशन करवाने के निर्देश दिए। साथ ही दिव्यांगजनों को उनकी जरुरत के अनुरूप कृत्रिम उपकरण की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल देते हुए कहा कि दिव्यांगजनों का चिन्हांकन किए जाने हेतु ग्राम पंचायतों से सूची प्राप्त कर चिन्हांकन पश्चात उन्हें कृत्रिम अंग उपलब्ध कराया जाए। कमिश्नर ने आयुष्मान कार्ड पंजीयन हेतु छूटे हुए व्यक्तियों को लाभान्वित करने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर सूची को नियमित तौर पर अपडेट किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएचसी बकावंड में मरीजों के परिजनों के ठहरने हेतु प्रतीक्षालय निर्मित किए जाने कहा।
कमिश्नर ने सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र ढोडरेपाल में बच्चों से कविताएं सुनी और उन्हें टॉफी प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र में लक्षित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं तथा पोषक माताओं को समेकित बाल विकास सेवाओं की उपलब्धता के बारे में संज्ञान लिया और विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सेजेस सरगीपाल और पीएमश्री सेजेस करपावंड में अटल टिंकरिंग लैब, विज्ञान प्रयोगशाला तथा स्मार्ट क्लास का जायजा लिया और शिक्षकों को बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए समर्पित होकर दायित्व निर्वहन करने की समझाइश दी। इस दौरान उन्होंने उक्त दोनों संस्थाओं में स्वीकृत भवन निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस मौके पर एसडीएम बकावंड विपिन दुबे सहित जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, सीईओ जनपद पंचायत पारेश्वर कुर्रे और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।









