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ईद की वजह से दुबई में फंसा अवाना शिप के कैप्टन का पार्थिव शरीर, होर्मुज में हुई थी मौत

Ranchi News: ईद की वजह से अवाना शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का पार्थिव शरीर दुबई में फंस गया है. पश्चिम एशिया में ईरान के साथ 28 फरवरी 2026 से जारी युद्ध के कारण स्टेट ऑफ होर्मुज के समुद्र में फंसे ‘अवाना’ शिप के कैप्टन राकेश रंजन सिंह (47 वर्ष) की मौत हो गई थी. इनका परिवार रांची के अरगोड़ा स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में रहता है. वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ के रहनेवाले थे. उनका पार्थिव शरीर दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा हुआ है.

बीच समंदर में 18 दिनों से खड़ा था अवाना शिप

मिली जानकारी के अनुसार, शिप तेल लेने के लिए स्टेट ऑफ होर्मुज गया था. तेल लेने के बाद शिप एक मार्च को भारत के लिए रवाना हुआ. दुबई से 60 किमी की समुद्री दूरी तय करने के बाद युद्ध के प्रभाव के कारण अवाना शिप समुद्र में ही लंगर डालकर 18 दिनों से खड़ा था. कैप्टन राकेश रंजन सिंह के अलावा शिप पर करीब 35 स्टाफ और भी थे.

दुबई एटीसी से नहीं मिली सहायता

18 मार्च 2026 को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई. शिप के कनीय अफसरों ने दुबई एटीसी से संपर्क साधकर एयर एंबुलेंस की मांग की. लेकिन, युद्ध के कारण एयर एंबुलेंस देने से एटीसी ने मना कर दिया. इसके बाद बोट के जरिये कैप्टन राकेश रंजन सिंह को शिप से दुबई के तट पर ले जाया गया. लेकिन, इन सबमें समय ज्यादा लग जाने के कारण उनकी मौत हो गई.

दुबई में रखा है राकेश रंजन का पार्थिव शरीर

कैप्टन सिंह का पार्थिव शरीर फिलहाल दुबई के शेख राशिद अस्पताल की मॉर्चरी में रखा गया है. वहां की पुलिस और चिकित्सकीय जांच में यह बात सामने आई है कि कैप्टन राकेश रंजन सिंह की मौत हार्ट अटैक से हुई है.

बेंगलुरु से इंजीनियरिंग कर रहा है बड़ा बेटा

रांची के वसुंधरा अपार्टमेंट में वर्तमान में उनकी पत्नी रंजू कुमारी और छोटा बेटा अधीश प्रताप सिंह (15 वर्ष) हैं. छोटा बेटा आचार्यकुलम में पढ़ाई करता है, जबकि बड़ा बेटा प्रवर सिंह (20 वर्ष) बेंगलुरु से इंजीनियरिंग कर रहा है.

परिजनों का बुरा हाल

घटना की खबर आने के बाद रांची स्थित घर के अलावा बिहार शरीफ स्थित घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दुबई में कैप्टन के एक बहनोई अनूप सिंह रहते हैं, जो पार्थिव शरीर को वहां से लाने की कोशिश कर रहे हैं. गुरुवार सुबह वीजा मिला है, लेकिन ईद की वजह से संभवत: कैप्टन का पार्थिव शरीर सोमवार तक पटना एयरपोर्ट आने की उम्मीद की जा रही है. वहां से पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर बिहार शरीफ ले जाया जायेगा. अंतिम संस्कार वहीं पर होगा.

 

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