Ro no D15139/23

धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान: ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने 108 आदिवासी बाहुल्य गांवों में लगेंगे शिविर

धरती आबा संतृप्तिकरण शिविर 15 से 30 जून तक

कलेक्टर की अपील : अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ लें ग्रामीण

धमतरी । धमतरी जिले के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, पढ़ाई-लिखाई और इलाज की बेहतर सुविधाओं जैसे मूलभूत जरूरतों को विकसित करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया गया है। धमतरी जिले के 97 ग्राम पंचायतों के 108 आदिवासी बाहुल्य गांवां को इस अभियान में शामिल किया गया है। इन गांवों में शासन की विभिन्न योजनाओं से शत्-प्रतिशत लोगों को लाभान्वित करने के लिए 15 जून से 30 जून तक धरती आबा संतृप्तिकरण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविर में ग्रामीणों को 17 विभागों की 25 योजनाओं से यथासंभव मौके पर ही लाभान्वित किया जाएगा। इन शिविरों में ग्रामीणों के जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र बनाने के साथ-साथ उन्हें राजस्व विभाग की अन्य दूसरी सेवाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा। शिविरों में राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, बीमा कार्ड, श्रम कार्ड, श्रम पंजीयन आदि भी किया जाएगा। खेती-किसानी, पशुपालन, मुर्गीपालन, सुअर पालन, मछलीपालन, डेयरी गतिविधियों के इच्छुक ग्रामीणों को इन योजनाओं का फायदा पहुंचाया जाएगा। इन 1058 गांवां में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन के प्रकरण तैयार किए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया जाएगा। गांवों में छूट गए लोगों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए जाएंगे।

इसके साथ ही इन संतृप्तिकरण शिविरों में चयनित सभी 108 गांवों के लिए पहुंच मार्गों, पेयजल, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी केन्द्रों से पोषण, इंटरनेट और मोबाईल सर्विस की उपलब्धता के साथ-साथ आजीविकास संवर्द्धन के लिए कौशल विकास गतिविधियों के लिए भी ग्रामीणों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

कलेक्टर की अपील : अपने गांव को आगे बढ़ाने अधिक से अधिक संख्या में शिविर में आएं

धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अपने गांवों के समग्र विकास के लिए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में शामिल होने की अपील कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि इस अभियान के तहत गांव की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाओं को बनाने, उनका संचालन करने और उसमें आने वाली समस्याओं को मिल-बैठकर आपसी सहमति से सुलझाने के लिए इन शिविरों में ग्रामीणों की अधिक से अधिक भागीदारी जरूरी है। गांव के युवाओं से कलेक्टर ने इन शिविरों में अवश्य ही शामिल होने की अपील की है और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने को कहा है।

  • Related Posts

    धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना से जशपुर के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    *केंद्र सरकार ने परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में किया अधिसूचित*   *जशपुरांचल को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग हुआ प्रशस्त*   रायपुर, 13 जून…

    Read more

    बड़ौदा आरसेटी राजनांदगांव द्वारा 15 दिवसीय पशु सखी प्रशिक्षण संपन्न

    राजनांदगांव 13 जून 2026। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार एवं बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में ए-हेल्प मॉड्यूल अंतर्गत 15 दिवसीय पशु सखी प्रशिक्षण का…

    Read more

    NATIONAL

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

    किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

    भारत 2030: इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति जो लोगों और गणित की ताकत से शुरू होगी

    भारत 2030: इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति जो लोगों और गणित की ताकत से शुरू होगी

    12 साल की मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर

    12 साल की मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर