
कलेक्टरेट सभाकक्ष में आज जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री संतोष जायसवाल ने की। जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह तथा कलेक्टर विलास भोस्कर विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में गौधाम योजना के प्रभावी संचालन और जिले में निराश्रित एवं घुमंतू पशुओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में शासन के निर्देशानुसार जिले में उपयुक्त स्थानों पर गौधामों के चयन और उन्हें शीघ्र प्रारंभ करने पर सहमति बनी। यह भी उल्लेख किया गया कि निराश्रित, घुमंतू और कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम-2004 (संशोधित 2011) तथा छत्तीसगढ़ कृषिक परिरक्षण नियम 2014 के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास गौधाम स्थापित करना अनिवार्य है, जिससे जप्त एवं असुरक्षित गौवंशीय पशुओं का संरक्षण तथा संवर्धन सुनिश्चित हो सके।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं पर चर्चा करते हुए समिति ने निर्णय लिया कि निराश्रित और घुमंतू पशुओं को शीघ्र सड़क से हटाकर गौधामों में सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। गौधाम समिति अध्यक्ष ने किसानों से पराली न जलाने की अपील करते हुए, गौधामों में पैरादान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कलेक्टर विलास भोस्कर ने निर्देशित किया कि गौधाम योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण एवं संस्थाएं इस योजना से जुड़ सकें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गौधाम संचालन में रुचि रखने वाली संस्थाओं से निरंतर आवेदन प्राप्त किए जाएं और उनके परीक्षण की प्रक्रिया तेज की जाए। बैठक में पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने गौधाम योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की तथा प्राप्त आवेदनों की स्थिति समिति के समक्ष रखी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, उपायुक्त शारदा अग्रवाल, अपर कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव,नगर पालिक निगम आयुक्त डी एन कश्यप, जिला स्तरीय गौधाम समिति के सदस्य यतेन्द्र पाण्डेय, विश्वनाथ यादव, रमाशंकर यादव, भगल प्रधान, हिम्मतलाल तिर्की, तथा विकासखंड स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष, सदस्य और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।









