
*धमतरी, 01 नवम्बर 2025/– छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के 3 लाख 51 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया | वही कुछ हितग्राहियों को आवास की चाबियाँ भी प्रदान कीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्यगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।*
*धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम पिपराहीभरी की जन-मन योजना हितग्राही सोनिया बाई कमार को भी प्रधानमंत्री के हाथों आवास की चाबी प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ। सोनिया बाई ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा – “पहले हम मिट्टी के कच्चे घर में रहते थे, बरसात में छत टपकती थी। आज प्रधानमंत्री जी के हाथों पक्के मकान की चाबी मिलने पर बहुत गर्व और खुशी हो रही है। अब हमें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।” उन्होंने प्रधानमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीबों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।*
*प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि “प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देश के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर देने का हमारा संकल्प जारी है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया है।”
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा और मुख्य कार्यपालम अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती रोमा श्रीवास्तव ने सोनिया बाई को आवास की बधाई और शुभकामना दी।
*सोनिया बाई को आवास निर्माण के लिए ₹2 लाख की सहायता राशि तथा शौचालय निर्माण हेतु ₹12,000 की अतिरिक्त राशि स्वीकृत हुई। साथ ही, उन्होंने अपनी 1 एकड़ कृषि भूमि में 40 आम के पौधे लगाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।
उन्हें मनरेगा योजना के तहत बाड़ी निर्माण का लाभ मिला तथा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इन प्रयासों से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और वह ग्राम में अन्य हितग्राहियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनी हैं।*
*जन-मन योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आवास, आजीविका एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। सोनिया बाई की सफलता इस योजना की सार्थकता को दर्शाती है — जहाँ सरकारी योजनाएँ केवल कागज़ पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।*









