
समेकित विद्यालय परिसर, पौधरोपण, प्रवेश अभियान और आदिवासी छात्रावासों के उन्नयन को दी प्राथमिकता
धमतरी, 18 जुलाई 2026/ जिले में गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वीबी-जी रामजी के अभिसरण से विद्यालयों एवं छात्रावासों में किए जाने वाले अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा विभिन्न विकास प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में विभिन्न प्राचार्यों द्वारा अपने-अपने विद्यालयों के विकास संबंधी प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण किया गया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी अभिसरण करते हुए ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे अधिकतम विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण एवं बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे अपने विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन कर विकास कार्यों के सुव्यवस्थित एवं व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करें और संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जनपद पंचायत को शीघ्र प्रेषित करें।
कलेक्टर ने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे विद्यालय परिसरों की पहचान की जाए, जहां प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन समेकित शिक्षा परिसरों का योजनाबद्ध विकास किए जाने से अधोसंरचना का बेहतर उपयोग होगा, संसाधनों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित होगा तथा विद्यार्थियों को एकीकृत एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
बैठक में जिलेभर में व्यापक पौधरोपण अभियान संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता का भी केंद्र बने। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विद्यालय प्रवेश अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक पात्र बालक एवं बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा दसवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश की अद्यतन जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालय छोड़ने वाले विद्यार्थियों की समय रहते पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके तथा ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग को निर्देशित किया कि वीबी-जी रामजी के अंतर्गत जिले में चार से पांच आदिवासी छात्रावासों के उन्नयन एवं विकास कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में बेहतर अधोसंरचना, सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध होने से दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रत्येक कार्य का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि जिले की शिक्षा व्यवस्था निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हो सके।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मधुलिका शर्मा, सभी प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षा विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।









