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फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलीः-विशेष गहन पुनरीक्षण राजनैतिक दलों की उपस्थिति में कलेक्टर ने फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का किया प्रारंभिक प्रकाशन

मतदाता अपने नाम की जांच ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, ईसीआईनेट मोबाइल एप अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर कर सकते हैं जांच

भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) कार्यक्रम अंतर्गत अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी   कुणाल दुदावत द्वारा आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रारूप मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन राजनीतिक दलों की उपस्थिति में की गई। उन्होंने उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर   दुदावत ने बताया कि आज मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया है। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के पश्चात 23 दिसम्बर से 22 जनवरी 2026 तक दावा एवं आपत्तियाँ प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 23 दिसम्बर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। सभी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने के उपरांत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
कलेक्टर   दुदावत ने राजनैतिक दलो के प्रतिनिधियों को प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रतियां सौंपते हुए बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 326 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 एवं 19 के अंतर्गत सभी योग्य व्यक्तियों का निर्वाचक सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि कोई भी योग्य नागरिक निर्वाचक सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए तथा कोई भी अयोग्य व्यक्ति का नाम सूची में सम्मिलित न होने पाए। संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, किसी व्यक्ति का निर्वाचक नामावली में पंजीकरण तभी संभव है जब उसने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का मामूली तौर से निवासी हो, भारत का नागरिक हो तथा किसी भी प्रचलित कानून के अंतर्गत निरर्हित न हो।
निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 के पश्चात कोरबा जिले में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया जारी है। कोरबा जिले में कुल चार विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें 20-रामपुर, 21-कोरबा, 22-कटघोरा तथा 23-पाली तानाखार शामिल हैं। जिले में पूर्व में 1081 मतदान केन्द्र स्थापित थे, युक्तियुक्तकरण के पश्चात 132 नवीन मतदान केन्द्र जुड़े है, जिससे जिले में अब कुल मतदान केन्द्रों की संख्या 1211 हो गई है। वर्तमान में कोरबा जिले में कुल 9,51,278 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 4,09,417 पुरुष, 4,07,974 महिला तथा 19 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए 04 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 10 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 26 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इनके द्वारा निर्धारित समयावधि में प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण 14 फरवरी 2026 तक किया जाएगा, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें कैटेगरी ‘ए’ में 3,15,960, कैटेगरी ‘बी’ में 4,60,677 तथा कैटेगरी ‘सी’ में 40,882 मतदाता पाए गए हैं। वहीं अनकलेक्टेड फार्मों की स्थिति में कुल 1,33,741 प्रकरण सामने आए हैं, जो कुल मतदाताओं का 14.06 प्रतिशत है। इनमें मृत्यु के कारण 30,613 प्रकरण, अनुपस्थित पाए जाने के 15,495, स्थानांतरित होने के 81,355, दोबारा प्रविष्टि के 5,340 तथा अन्य कारणों से 938 प्रकरण शामिल हैं।

कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि मतदाता अपने नाम की जांच ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में स्थानीय बूथ लेवल अधिकारी के पास उपलब्ध सूची से, ईसीआईनेट मोबाइल एप के माध्यम से अथवा भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट  voters.eci.gov.in  पर जाकर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है, तो वह नाम जोड़ने के लिए घोषणा पत्र के साथ फार्म-6 भरकर एवं एनेक्सर-4 व अन्य आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन कर सकता है। उन्होंने बताया कि मतदाताओं के लिए विभिन्न आवेदन फार्म निर्धारित किए गए हैं। जिसमें  नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु फार्म-6, विदेश में निवासरत भारतीय नागरिकों के लिए फार्म-6ए, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फार्म-7 तथा निवास परिवर्तन, प्रविष्टि में सुधार, ईपीआईसी में संशोधन अथवा दिव्यांगता चिह्नांकन के लिए फार्म-8 का प्रावधान है। ये सभी आवेदन नागरिक अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं या फिर ईसीआईनेट मोबाइल एप एवं  voters.eci.gov.in  पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भी प्रस्तुत कर सकते हैं।

कलेक्टर ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची में विशेष रूप से युवा मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। जो युवा 01 जनवरी 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं अथवा करेंगे, उन्हें फार्म-6 के साथ एनेक्सर-4 में दिए गए घोषणा पत्र संलग्न कर आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसआईआर के तहत प्रारूप मतदाता सूची 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित की जा चुकी है। इसकी बूथवार मुद्रित एवं डिजिटल प्रतियां राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई हैं तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की वेबसाइट https://ceochhattisgarh.nic.in/ पर भी प्रदर्शित की गई हैं। दावा एवं आपत्ति की अवधि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक निर्धारित है, जिसके दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाने और अपात्र नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी मतदाता का नाम बिना पूर्व सूचना एवं कारणयुक्त आदेश पारित किए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी मतदाता को इससे संबंधित आपत्ति होती है, तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के अंतर्गत प्रथम अपील जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष तथा द्वितीय अपील मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पास प्रस्तुत कर सकता है। निर्वाचन आयोग ने पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए यह स्पष्ट किया है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अयोग्य नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।
घोषणा के समर्थन में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों में केंद्रीय अथवा राज्य सरकार एवं सार्वजनिक उपक्रमों के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, 1 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में जारी किसी भी सरकारी अथवा स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू द्वारा प्रदत्त पहचान अथवा प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ उपलब्ध हो), राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण-पत्र शामिल हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पत्र क्रमांक 23/2025 एवं ईआरएस, वॉल्यूम-।। दिनांक 9 सितंबर 2025 के अनुसार आधार को भी मान्य दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया है। इसके अतिरिक्त दिनांक 1 जुलाई 2025 के संदर्भ में बिहार राज्य में हुए एसआईआर से संबंधित निर्वाचक नामावली का उद्धरण भी स्वीकार्य है।
कलेक्टर ने सभी राजनीतिक दलों से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में सहयोग करने तथा योग्य नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने और अयोग्य व्यक्तियों के नाम हटाने हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर   देवेंद्र पटेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी   माधुरी सोम ठाकुर, सभी एसडीएम एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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