Ro no D15139/23

प्राकृतिक खेती की मिसाल बने छर्राटांगर के किसान तुलसी राम मांझी देशी संसाधनों से तैयार अमृत बना सफलता की कुंजी

रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ाया कदम
कम लागत और अधिक उत्पादन से बढ़ी आमदनी

प्राकृतिक खेती की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुके हैं किसान तुलसीराम मांझी, भले ही उन्होंने केवल तीसरी कक्षा तक ही पढ़ाई की हो, लेकिन खेती को लेकर उनकी समझ, नवाचार और अनुभव किसी विशेषज्ञ से कम नहीं है। रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर उनका कदम आज उन्हें बेहतर उत्पादन, कम लागत और अधिक आय दिला रहा है। प्राकृतिक खेती के प्रति उनके समर्पण और मेहनत ने शानदार परिणाम दिए हैं। प्रति एकड़ लगभग 8 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। वहीं उनके खेत की मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा 0.20 से बढ़कर 0.75 तक पहुंच गई, जो भूमि के उपजाऊ होने का स्पष्ट प्रमाण है। प्राकृतिक खेती से उनकी कुल लागत मात्र 4 हजार रुपए प्रति एकड़ आई, जबकि शुद्ध आय बढ़कर 48 हजार रुपए प्रति एकड़ तक पहुंच गई।
रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के छोटे से गांव छर्राटांगर में रहने वाले किसान श्री तुलसी राम मांझी वर्ष 2023 से पहले तक पारंपरिक और आधुनिक चलन के अनुसार रासायनिक खेती करते थे। लेकिन बढ़ती लागत और मिट्टी की सेहत को देखते हुए उन्होंने एक बड़ा निर्णय लिया और प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। इस दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग ने उन्हें सहयोग प्रदान किया। कृषि विभाग, जिला रायगढ़ द्वारा उन्हें प्राकृतिक खेती की बारीकियों का प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।
तुलसी राम मांझी के पास दो गायें हैं, जो उनकी प्राकृतिक खेती की सबसे बड़ी ताकत हैं। वे मूंगफली, साग-सब्जी के साथ-साथ आम की खेती भी करते हैं। रासायनिक खाद और कीटनाशकों को पूरी तरह त्याग कर उन्होंने घर पर ही बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, छाछ, बायो-कल्चर और हरी खाद जैसे प्राकृतिक इनपुट तैयार किए। पौधों के पोषण और भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए वे नियमित रूप से बीजामृत और जीवामृत का उपयोग करते हैं। हरी खाद के लिए तिल और मूंग की फसल उगाते हैं तथा गोबर और गौमूत्र से बने कम्पोस्ट का प्रयोग करते हैं। फसल चक्र अपनाकर वे मिट्टी की सेहत बनाए रखते हैं। कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए वे जहरीले रसायनों की बजाय नीम की निम्बोली से तैयार अर्क, आग्नेयास्त्र और विभिन्न प्राकृतिक ट्रैप क्रॉप्स का उपयोग करते हैं। तुलसी राम मांझी की यह सफलता यह साबित करती है कि यदि वैज्ञानिक तरीके से प्राकृतिक खेती की जाए, तो न केवल जहरमुक्त और स्वास्थ्यवर्धक भोजन प्राप्त किया जा सकता है, बल्कि किसानों की आमदनी भी कई गुना बढ़ाई जा सकती है। उनकी यह पहल आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों को नई दिशा दे रही है।

  • Related Posts

    बिहान की दीदियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को राखी बांधकर दी बधाई, साझा किए गुजरात भ्रमण के अनुभव

      कबीरधाम जिले के 17 बिहान समूहों की दीदियों और 17 पशुपालकों को गुजरात के बनासकाठा के शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया था रायपुर, 27 अगस्त 2026/ कबीरधाम जिले के…

    Read more

    बैंक सखी बनकर ग्रामीणों के लिए सहूलियत का माध्यम बनीं ललिता बघेल

      तीन ग्राम पंचायतों में घर-घर पहुंच रहीं बैंकिंग और लोक सेवा केंद्र की सुविधाएं, अब तक 4 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान महतारी वंदन, पेंशन, छात्रवृत्ति से लेकर…

    Read more

    NATIONAL

    नेपाल से आ रहा पानी बिहार में कितना मचा सकता है कहर? 3 पॉइंट में समझें गंडक पर कितना पड़ेगा असर

    नेपाल से आ रहा पानी बिहार में कितना मचा सकता है कहर? 3 पॉइंट में समझें गंडक पर कितना पड़ेगा असर

    शिवतीर्थ पहुंचकर शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्र ने बालासाहेब ठाकरे को दी श्रद्धांजलि, गांव-गांव शिवसेना का झंडा फहराने का लिया संकल्प

    शिवतीर्थ पहुंचकर शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्र ने बालासाहेब ठाकरे को दी श्रद्धांजलि, गांव-गांव शिवसेना का झंडा फहराने का लिया संकल्प

    ईरान से तेल कारोबार पर अमेरिका का एक्शन, 4 भारतीय कंपनियों और 3 नागरिकों पर प्रतिबंध

    ईरान से तेल कारोबार पर अमेरिका का एक्शन, 4 भारतीय कंपनियों और 3 नागरिकों पर प्रतिबंध

    कहां ले जाती है अहम् की लड़ाई… केवल बर्बादी, क्यों विफल हुई थी निगम की रेतघाटांे पर कंट्रेल की घोषणा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.. खरी…

    कहां ले जाती है अहम् की लड़ाई… केवल बर्बादी, क्यों विफल हुई थी निगम की रेतघाटांे पर कंट्रेल की घोषणा, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी.. खरी…

    ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय

    ड्यूटी-फ्री चीनी इम्पोर्ट के बदले नियम, अब रिफाइंड चीनी बेचने के लिए मिलेगा 2 महीने का समय

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने ली नवनियुक्त सोशल मीडिया टीम की बैठक