
भोपालपटनम विकासखंड की ग्राम पंचायत तमलापल्ली के आश्रित ग्राम गौरारम से होकर बहने वाले पुसनाला में अत्यधिक ढलान के कारण बारिश के समय पानी तेज गति से बहता था। जिससे नाले के किनारों पर लगातार मिट्टी कटाव की समस्या बनी रहती थी। ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत नाले का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया गया।
नाले में दो गैबियन संरचनाओं Gabion Structures का निर्माण किया गया। जिनकी मदद से पानी के तेज बहाव को नियंत्रित किया जा सका और आसपास की मिट्टी का कटाव रुक गया है। ग्राम पंचायत तमलापल्ली के सरपंच श्री चंद्रैया पोट्ट्म ने बताया कि पुसनाला काफी चौड़ा था और बारिश के दिनों में पानी तेजी से बहकर मिट्टी को काट ले जाता था। गैबियन संरचनाएं बनने से पानी की गति कम हुई है और कटाव भी रुक गया है।
रोजगार सहायक श्री सुरेन्द्र कोड़े ने बताया कि पहले नाले का पानी तेज बहते हुए सीधे चिंतावागू नदी में चला जाता था। अब गैबियन संरचनाओं की वजह से न सिर्फ बहाव नियंत्रित हुआ है, बल्कि पानी को रोकने में भी सफलता मिली है, जो पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण कदम है। प्रति संरचना 3 लाख 50 हजार रुपये की लागत से दो गैबियन बनाए गए हैं। इस नाले का पानी आगे सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित पसपुल नदी के डेम में जाता हैए जिसका उपयोग संगमपल्ली, मद्देड़ और तमलापल्ली के किसान सिंचाई के लिए करते हैं। दोनों कार्यों में 100 जॉब कार्ड धारक श्रमिकों को कुल 330 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया गया।








