Ro no D15139/23

कार्यस्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर शासन ने जारी किया निर्देश, लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम को लेकर आंतरिक शिकायत समिति का होगा गठन

अम्बिकापुर । महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 की धारा 4 (1) के तहत जिले में संचालित सभी विभाग शासकीय एवं गैरशासकीय कार्यालयों/संगठन, उपक्रम, प्रतिष्ठान, उद्यम, संस्थान, कार्यालय, शाखा अथवा इकाई जो प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/सरकारी कम्पनी/निगम/सहकारी सोसाइटी द्वारा प्रदत्त निधियों द्वारा स्थापित, स्वामित्वाधीन, नियंत्रणाधीन अथवा वित पोषित हो। निजी क्षेत्र का संगठन, उपक्रम, संस्थान, प्रतिष्ठान, सोसाइटी, न्यास, गैर-शासकीय संगठन, ईकाई अथवा सेवा प्रदाता जो वाणिज्यिक, व्यावसायिक, शैक्षिक, मनोरंजन, अद्यौगिक, स्वास्थ्य सेवाएं अथवा वित्तीय क्रियाकलाप कर रहा हो। जिसमें उत्पादन, आपूर्ति, विक्रय, वितरण, अस्पताल अथवा नर्सिंग होम, खेलकूद का संस्थान, स्टेडियम, खेल परिसर, प्रतियोगिता अथवा खेल का स्थान, उन सभी उद्यमों (छोटे बड़े सभी उद्यम/उद्योग विभाग से पंजीकृत होते है) आदि निजी क्षेत्र जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं ऐसे सभी कार्यस्थल पर महिलाओं की लैंगिक उत्पीड़न के रोकथाम हेतु आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि आंतरिक शिकायत समिति में 01 पीठासीन अधिकारी (अध्यक्ष), 02 सदस्य जिन्हें समाज सुधार का अनुभव हो या विधिक ज्ञान हो तथा 01 सदस्य गैर सरकारी संगठनों/संगमों (एन.जी.ओ.) से जो महिलाओं की समस्याओं के प्रति प्रतिबद्ध हो। इनमें से अनिवार्य रूप से नामांकित करते हुए, उक्त समिति कार्यालय एवं सभी अधीनस्थ शासकीय/अशासकीय कार्यालय/संस्थाओं में भी गठित करने की जाएगी। नाम निर्देशित कुल सदस्यों के कम से कम आधी महिलाएं होंगी। आंतरिक समिति का पीठासीन अधिकारी तथा प्रत्येक सदस्य अपने नामांकन की तारीख से 03 वर्ष से अनाधिक ऐसी अवधि तक जैसे नियोक्ता द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय, पद धारित करेगा। उक्त आंतरिक शिकायत समिति के गठन नहीं होने की स्थिति में 50 हजार रुपए तक के अर्थदंड का अधिनियम अंतर्गत प्रावधान है। समिति गठन की सूची विभागीय सूचना पटल, विभागीय वेबसाइट एवं संबंधित कार्यालय की समस्त महिला कर्मचारी को अवगत कराना होगा, यदि किसी कारण वश समिति का गठन नहीं होता है तो उसके जिम्मेदार कार्यालय प्रमुख होंगे। उन्होंने समस्त विभागों को आंतरिक शिकायत समिति के गठन की अद्यतन जानकारी शीघ्र जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग अम्बिकापुर जिला-सरगुजा (छ.ग.) को उपलब्ध कराने आग्रह किया है।

  • Related Posts

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की पहल से वनांचल के लमनी और खुड़िया में 20-20 लाख रुपए की लागत से बने आधुनिक प्रतीक्षालय शेड

      सोलर ऊर्जा, रात्रि विश्राम, भोजन एवं मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित होंगे श्रद्धालुओं के नए पड़ाव रायपुर, 27 जुलाई 2026/उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की विशेष पहल…

    Read more

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल

      गौरेला में बालक अयांश को मिला वॉकर, समावेशी शिक्षा अभियान के तहत शासन का मानवीय प्रयास बना प्रेरणा रायपुर, 27 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में…

    Read more

    NATIONAL

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    यूपी में माफिया सिर उठाएगा तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम में होगी, मैनपुरी से सीएम योगी दी चेतावनी

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    CJP मार्च विवाद : राहुल गांधी का अमित शाह से सवाल- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?

    VIDEO जंतरमंतर का सच,सनातन को गाली,

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    आधी रात के वीडियो पर जनता का मिला भरपूर साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- Thank You Friends

    जंतर मंतर का सच

    जंतर मंतर का सच