
वित्तीय वर्ष 2026-27 से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत सभी कार्य युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड किए जाने हैं। इस पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक कार्य की कार्ययोजना, लागत, स्थान, प्रगति, भुगतान एवं प्रभावी परिणामों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे जनभागीदारी, सामाजिक निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
इसी क्रम में विकासखंड बीजापुर की ग्राम पंचायत रेड्डी में वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से 60 कार्यों की लेबर बजट तैयार की गई। प्रस्तावित कार्ययोजना को ग्रामसभा में अनुमोदन के पश्चात युक्तधारा पोर्टल पर अपलोड किया गया।
ग्राम पंचायत रेड्डी के तकनीकी सहायक श्री तोरन लाल उर्वशा ने बताया कि जीआईएस तकनीक से लैस युक्तधारा पोर्टल में कार्यों को दो श्रेणियों- जियोस्पेशियली एनालाइजेबल वर्क्स और नॉन जियोस्पेशियली एनालाइजेबल वर्क्सकृमें शामिल किया गया है। जियोस्पेशियली एनालाइजेबल वर्क्स का उद्देश्य वाटरशेड प्रबंधन, जल संरक्षण, भूमि सुधार एवं पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करते हुए टिकाऊ और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इस श्रेणी के अंतर्गत ग्राम पंचायत रेड्डी में कुल 30 कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नॉन जियोस्पेशियली एनालाइजेबल वर्क्स वे कार्य होते हैं, जिन्हें जीआईएस मैप पर सटीक लोकेशन के साथ मैप एवं विश्लेषित करना संभव नहीं होता। मनरेगा अंतर्गत हितग्राही मूलक कार्य इसी श्रेणी में आते हैं जिनके अंतर्गत ग्राम पंचायत रेड्डी में 30 कार्य शामिल किए गए हैं।
रोजगार सहायक श्री सुशील दुर्गम ने जानकारी दी कि ग्राम रेड्डी एवं आश्रित ग्राम कोटेर में कुल 281 पंजीकृत परिवार हैं तथा दोनों ग्रामों को मिलाकर मनरेगा के अंतर्गत 667 पंजीकृत मजदूर हैं। युक्तधारा पोर्टल में कार्य प्रस्तावित करने के लिए सबसे पहले ग्रामवासियों के साथ बैठक कर सामाजिक मानचित्र, मौसमी मानचित्र एवं संसाधन मानचित्र तैयार किए गए। इसके बाद कार्यों का स्थल निरीक्षण किया गया और ग्रामसभा में अनुमोदन उपरांत कार्यों को पोर्टल में अपलोड किया गया।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया सभी के लिए एक नया अनुभव रही जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आने वाले समय में मनरेगा के कार्य अधिक पारदर्शी वैज्ञानिक और परिणामोन्मुखी होंगे।








