Ro no D15139/23

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से सशक्त हो रही है स्वास्थ्य सुविधा

इसी क्रम में कैंसर उपचार की दिशा में उम्मीद की नई किरण पाइपेक तकनीक से शुरू हुई उपचार सुविधा की शुरुआत

क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के कैंसर सर्जरी विभाग में पहली बार पाइपेक विधि से पेट की झिल्ली के कैंसर का किया सफल उपचार :ओडिशा की महिला मरीज हुई लाभान्वित

लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिये महिला मरीज के पेट में सीधे पहुंचा कीमोथेरेपी, उपचार के बाद महिला की स्थिति पहले से बेहतर

रायपुर । प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार सशक्तिकरण हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के अथक प्रयासों से राज्य की जनता को सहज और सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। वहीं नित नये वैज्ञानिक शोध, परीक्षण और निष्कर्ष पर आधारित आधुनिक चिकित्सा प्रणाली की मदद से आज मनुष्य कई गंभीर बीमारी से ठीक होकर निकल रहे हैं। डॉक्टरों की उपचार प्रक्रिया और मरीज की सकारात्मक सोच की बदौलत कैंसर जैसे असाध्य रोग भी अब साध्य हो चले हैं। इसी क्रम में हाल ही में पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के आंकोसर्जरी (कैंसर सर्जरी) विभाग के डॉक्टरों की टीम ने पेट की झिल्ली के (पेरिटोनियम) कैंसर से पीड़ित महिला का उपचार पाइपेक (PIPAC) पद्धति से कर महिला के बहुमूल्य जीवन को बचाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। संभवतः मध्य भारत के किसी भी शासकीय कैंसर अस्पताल में इस पद्धति से पहली बार इलाज कर डॉक्टरों ने मरीज के पेट की झिल्ली के कैंसर का इलाज किया है। पाइपेक यानी प्रेशराइज्ड इंट्रापेरिटोनियल एरोसोलाइज़्ड कीमोथेरेपी, कैंसर बीमारी में दी जाने वाली कीमोथेरेपी का ही एक प्रकार है। यह उदर गुहा में दबाव के साथ कीमोथेरेपी को पहुंचाती है जिससे कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोकने में मदद मिलती है। कैंसर सर्जन डॉ.(प्रो.) आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में लेप्रोस्कोपिक विधि से न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया के अंतर्गत किये गये इस उपचार विधि में कीमोथेरेपी को एक मशीन के जरिये एरोसोल के रूप में दिया जाता है जिससे कैंसर उत्तकों में दवा का प्रभाव ज्यादा होता है और कैंसर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। ओड़िशा की रहने वाली 54 वर्षीय महिला मरीज को उपचार के पांच दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। उपचार के बाद वह अब ठीक है और फॉलोअप के लिए आ रही है।

पाइपेक एक लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया है। इसका मतलब है कि डॉक्टर मरीज के पेट में एक या दो छोटे छेद करके इस प्रक्रिया को पूरी करते हैं जिन्हें एक्सेस पोर्ट भी कहा जाता है।

क्षेत्रीय कैंसर संस्थान के संचालक एवं पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने पहली बार इस नये विधि से किये गये सफल उपचार के लिए कैंसर सर्जरी विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यह एक सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रक्रिया है जो कीमोथेरेपी के प्रभाव को बढ़ाता है। कोलोरेक्टल कैंसर, डिम्बग्रंथि का कैंसर और गैस्ट्रिक कैंसर जैसे कैंसर बीमारियों में कीमोथेरेपी के नये विकल्प के रूप में इसे अपनाया जा सकता है। प्रयास करेंगे कि भविष्य में कैंसर के अन्य मरीजों को भी इस उपचार सुविधा का लाभ मिल सके।

अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा मरीजों के उपचार हेतु किये जा रहे निष्ठापूर्ण प्रयासों ने लोगों का विश्वास इस संस्था के प्रति सदा से ही बनाये रखा है।

कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, प्रेशराइज्ड इंट्रापेरिटोनियल एरोसोलाइज़्ड कीमोथेरेपी एक तकनीक है जो दबाव के तहत एरोसोल के रूप में उदर गुहा में कीमोथेरेपी को पहुंचाती है। एरोसोल दो शब्दों से मिलकर बना है। एयरो यानी विशेष हवा और सोल अर्थात् द्रव में अत्यंत छोटे कणों के रूप में पदार्थ का मिश्रण। दबावयुक्त एरोसोल पूरे पेट में कीमोथेरेपी को समान रूप से वितरित करता है। एडवांस पेरिटोनियम कैंसर, जीआई कैंसर और एडवांस ओविरयन कैंसर जैसी बीमारियों में उपचार की इस नई प्रक्रिया के कई संभावित लाभ हो सकते हैं। कीमोथेरेपी की उच्च सांद्रता के कारण कैंसर कोशिकाओं से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है और अन्य अंगों को नुकसान कम होता है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण जैसे मतली, उल्टी, कब्ज, दस्त और भूख न लगना जैसी स्थितियां कम होती हैं। लीवर और किडनी जैसे अंगों को कम नुकसान होता है।

ऐसे संपन्न की जाती है प्रक्रिया

डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले प्रक्रिया के लिए एक्सेस पोर्ट बनाते हैं फिर पेरिटोनियम (पेट की परत वाली झिल्ली) को फुलाने के लिए पोर्ट का उपयोग करते हैं। एक एक्सेस पोर्ट में दबावयुक्त कीमोथेरेपी देने वाला उपकरण डालते हैं। दबावयुक्त एरोसोल कीमोथेरेपी को लगभग 30 मिनट तक पेरिटोनियम के भीतर दिया जाता है। इसके बाद मरीज के पेट से सभी उपकरणों को बाहर निकाल देते हैं और छोटे छेद/चीरे को बंद कर देते हैं। उपचार करने वाली टीम में कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता के साथ डॉ. किशन सोनी, डॉ. राजीव जैन, डॉ. गुंजन अग्रवाल और एनेस्थीसिया से डॉ. शशांक शामिल रहे।

  • Related Posts

    राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सुरक्षा बलों के जवानों के लिए तनाव प्रबंधन एवं आत्महत्या रोकथाम कार्यशाला का आयोजन मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक

    रायपुर, 23 जुलाई 2026/ राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षा बलों के जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा तनाव एवं आत्महत्या की रोकथाम के उद्देश्य से सूरजपुर…

    Read more

    जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर शासकीय भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त – ग्राम झुराडबरी में अवैध प्लॉटिंग के लिए पहाड़ काटकर बनाया गया रास्ता ध्वस्त

      राजनांदगांव 23 जुलाई 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी…

    Read more

    NATIONAL

    सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों मंदिर: देवकीनंदन ठाकुर, मंदिरों का चढ़ावा विवाह भवन के लिये नहीं: सुप्रीम कोर्ट, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    सरकारी नियंत्रण से मुक्त हों मंदिर: देवकीनंदन ठाकुर, मंदिरों का चढ़ावा विवाह भवन के लिये नहीं: सुप्रीम कोर्ट, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    एक शक्तिशाली स्त्री चाहे तो अपने संकल्प शक्ति से समाज और राष्ट्र को उचित दिशा में मोड़ सकती है

    एक शक्तिशाली स्त्री चाहे तो अपने संकल्प शक्ति से समाज और राष्ट्र को उचित दिशा में मोड़ सकती है

    NEET पेपर लीक : पीएम मोदी के बयान पर बोले राहुल गांधी- छात्रों का भविष्य आपने बर्बाद किया, अब उनकी 3 मांगे पूरी करें

    NEET पेपर लीक : पीएम मोदी के बयान पर बोले राहुल गांधी- छात्रों का भविष्य आपने बर्बाद किया, अब उनकी 3 मांगे पूरी करें

    CJP ने PM मोदी को दिया जवाब-फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए

    CJP ने PM मोदी को दिया जवाब-फास्ट-ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए

    ‘पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है’, CJP छात्र आंदोलन पर सलमान खान ने दिया छात्रों का साथ, कहा- देश के युवाओं पर है गर्व

    ‘पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है’, CJP छात्र आंदोलन पर सलमान खान ने दिया छात्रों का साथ, कहा- देश के युवाओं पर है गर्व

    CJP प्रोटेस्ट के बीच PM मोदी का ऐलान: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट

    CJP प्रोटेस्ट के बीच PM मोदी का ऐलान: युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले बचेंगे नहीं, बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट