Ro no D15139/23

मरने के बाद फिर से ज़िंदा होना कितना सुख देगा,क्या ये संभव है,क्या हम भगवान तक पहुंच जाएंगे* वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

 

अब लोग मुकद्दर के सिकंदर बनने की राह पर चल पड़े हैं। क्योंकि अब लोगों के अंदर मरने के बाद वास्तव में फिर से ज़िंदा होने की चाहत पैदा हो गयी है ?


*1980 में अमिताभ बच्चन ने कह दिया था कि ‘मरके जीने की अदा जो दुनिया को दिखलाएगा, वो मुकद्दर का सिकंदर जानेमन कहलाएगा’।*

ये कोई मजाक की बात नहीं है। दरअसल इंसान के अंदर एक जिज्ञासा पैदा होती ही है कि आज से पचास-सौ साल के बाद दुनिया कैसी होगी और उसके रिश्ते कैसे होंगे।

फिल्मो मे टाईम मशीन के बारे में देखा है। टाईम मशीन के माध्यम से कोई इंसान कभी भूतकाल में चला जाता है और अपने ही पूर्वजों को देखता है। कभी भविष्य में जाके अपना और अपने अपनों को पचास-सौ साल बाद के समय में देखता है। बड़ा ही रोमांचक होता है ये अनुभव।

*बिना परिवार*
*जीवन में निराशा*

एक महत्वपूर्ण घटना बताना जरूरी है कि सतयुग मे एक बार देवताओं और राक्षससों मे युद्ध हो गया। जंब राक्षस भारी पड़ने लगे तो उन्होंने पृथ्वी से राजा मुचुकंद को बुलवाया सहायता के लिये।
*देवताओं के पक्ष में राजा मुचुकंद ने लंबे समय तक युद्ध किया। और अंततः जब शिवजी के पुत्र कार्तिकेय ने सेनापति का पद संभाला तो देवताओं ने थके हुए महाराज मुचुकंद को विश्राम करने कहा।*

राजा मुचुकंद ने अपने राज्य पृथ्वी पर जाना चाहा तो पता चला कि देवताआंे का एक देववर्ष पृथ्वी के हजार वर्ष के बराबर होता है। ऐसे में यदि महाराज मुचुकंद वापस जाकर भी क्या करते, उनका तो कोई अपना वहां होता नहीं। न कोई पुरानी याद उपलब्ध होती।
*लिहाजा मन और शरीर से थके महाराज ने देवताओं से लंबी नींद का वरदान मांगा और एक गुफा में आराम से सो गयें उन्हें एक वरदान दिया गया कि जो भी उनकी नीेंद खराब करेगा वो उनकी दृष्टि पड़ते ही भस्म हो जाएगा।*

ऐसे में एक बार भगवान कृष्ण रणनीति के तहत युद्ध के मैदान से भाग निकले और दुश्मन उनके पीछे पड़ गया। भागते हुए कृष्ण उसी गुफा में घुस गये जहां राजा मुचुकंद सो रहे थे। कृष्णजी ने अपना कपड़ा उनके उपर डाल दिया। दुश्मन राजा ने कपड़े के भ्रम में महाराज मुचुकंद को कृष्ण समझ कर लात मार कर जगा दिया।
महाराज के जागते ही उनकी दृष्टि दुश्मन पर पड़ी और वो भस्म हो गया।

*मरने के बाद भविष्य में*
*फिर से जीना चाहता है इंसान*

साईंस इंसानी दिमाग को निष्क्रिय होने को इंसान की मौत मानता है। कोमा में इंसान की यही स्थिति होती है। दिमाग काम करना बंद कर देता है मगर सांसें चलती रहती हैं। एक दिन मरीज उठ जाएगा इस उम्मीद पर मशीनों के माध्यम से शरीर को ज़िंदा रखा जाता है।
बरसों-बरस इंसान बिस्तर पर पड़ा रहता है। कभी उठ जाता है तो कभी मौत की राह से लौट नहीं पाता।

*अब साईंस ने इतनी चमत्कारिक सुविधा ईजाद कर ली है कि इंसान मरने के बाद अपने शरीर को क्षय होने से बचा लेता है और बरसों के बाद भी जब साईंस मनुष्य के शरीर में फिर से धड़कन स्थापित करने में सक्षम हो जाएगा तो इंसान उस मनुष्य को ज़िंदा कर देगा।*

*भगवान एक वैज्ञानिक शक्ति*

कई बार ये देखा-सुना गया है कि ईश्वर एक ऐसी वैज्ञानिक शक्ति है जिस तक इंसान पहुंच नहीं पाया है। यानि विज्ञान भी ईश्वर का ही रूप है। कहा ये जाता है कि ईश्वर तक पहुंचने से पहले ही दुनियां नष्ट हो जाएगी।

*हालांकि धर्म और अध्यात्म से जुड़े लोग उन्हीें के शब्दों में कहा जाए तो ‘ईश्वर को साध’ लेते हैं। कई लोग हनुमानजी की इतनी सेवा-भक्ति करते हैं कि वे भी उनकी सुनने लगते हैं।*
इनकी प्रार्थना में इतनी शक्ति होती है कि हनुमानजी उसे पूरा कर देते हैं, यदि उनके कर्म अच्छे हैं।
बहरहाल ये अलग विषय है। *यहां हम मौत के बाद फिर से ज़िंदा होने की चाहत की बात कर रहे हैं।*

*सैकड़ों साल बाद*
*फिर से जिंदा हो जाएगा*
*मरा हुआ इंसान*

एक ऐसी तकनीक का विकास हो चुका है जिसमें शरीर या दिमाग को लगभग माईनस दो सौ डिग्री सेल्सियस के तरल नाईट्रोजन में डालकर रख देते हैं। 1967 में एक व्यक्ति ने अपने शरीर को इसी तकनीक से संरक्षित कर रखा है। इस उम्मीद पर कि कभी न कभी वो फिर से इसी शरीर में अपना जीवन पा लेंगे।
यानि वो फिर से जिंदा हो जाएगा।

*डेढ़ करोड़ मंे*
*मौत को मात*
*महंगा सौदा नहीं*

अभी तक लगभग पांच सौ लोग अपने शरीर को संरक्षित करा चुके हैं और हजारों लोग वेटिंग लिस्ट में हैं। शरीर और दिमाग संरक्षित करने के लगभग डेढ़ करोड़ लगता है।
केवल दिमाग का संरक्षण मात्र 65 लाख में हो जाता है इससे इंसान की यादें और विचार कायम रखे जाने की सुविधा है।

*लेकिन यहां देखने लायक बात ये है कि यदि दिमाग दुरूस्त हो जाएगा और शरीर बीमार रहेगा तो जीने का मजा नहीं आएगा, इसलिये दिमाग के साथ शरीर भी आवश्यक है।*

*क्या फायदा*
*जब दुनिया में कोई अपना न हो*

इस नये जीवन का एक पहलू ये भी है कि जब इंसान सौ साल बाद पुनः जन्म लेगा तो क्या उसके पुराने रिश्ते यथावत होंगे। जिन नये लोगों से वो मिलेगा वे उसे उतना अपना समझेंगे ? उसे उतना प्रेम, अपनापन और सम्मान देंगे ? पुरानी यादों को ताजा कर इंसान क्या दुखी नहीं होगा ?

*अपने पुराने घर को जिसमें उसके जाने-पहचाने चेहरे नहीं होंगे और जिन्हें वो देखना चाहेगा, ढूंढेगा मगर वे नहीं मिलेंगे तो क्या दुखी नहीं होगा ?*

*उपर राजा मुचुकंद की कहानी में भी यही स्थिति निर्मित हुई थी। पृथ्वी पर वापस आने से उन्हें कोई अपना नहीं मिलता, न अपना राज्य कहीं नजर आता। कहीं पुराना अहसास नहीं मिलता। इसलिये उन्होंने गुफा मंे जाकर सोना पसंद किया बजाए अपने पुराने जीवन मे लौटने के।*
अभी जो लोग मरने के बाद पुनः जीवित होना चाहते हैं उन्हें बेहद निराशा हाथ लग सकती है। बेगाने युग में खोए हुए अपनों की यादों के साथ उस पुराने अहसास को तलाशते वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो जाएंगे।

*उन्हें वांछित खुशी हासिल नहीं होगी, जिसकी तलाश में उन्होंने फिर से जीने का फैसला किया। इसलिये कदाचित् ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में और इस विधि के विधान में हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा।*
————————–
जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700

  • Related Posts

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल 945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

        नई दिल्ली l देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और सशक्त बनाने तथा उभरते राज्यों के युवाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रायपुर के सांसद बृजमोहन…

    Read more

    4399 और 1076 संख्या नहीं ‘उम्मीद’ है, मौका खो मत देना वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेच की खरी… खरी…

      सारे देश में उत्साह की लहर है विशेषतौर पर भाजपाईयों में। भाजपा से सहानुभूति रखने वाले भी अंदर से आनंदित हो रहे हैं। इस बीच कई लोग आशंकित भी…

    Read more

    NATIONAL

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल 945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल  945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    4399 और 1076 संख्या नहीं ‘उम्मीद’ है, मौका खो मत देना वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेच की खरी… खरी…

    4399 और 1076 संख्या नहीं ‘उम्मीद’ है, मौका खो मत देना  वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेच की खरी… खरी…

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल 945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार की सरकारी योजनाओं का उठाएं अधिकतम लाभ: बृजमोहन अग्रवाल  945 करोड़ स्वीकृत; ₹650 करोड़ जारी – केंद्र सरकार

    Parliament Session LIVE: संसद में जोरदार हंगामा, बोले पीएम मोदी- NEET मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    Parliament Session LIVE: संसद में जोरदार हंगामा, बोले पीएम मोदी- NEET मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    Parliament Session Live : लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

    Parliament Session Live : लोकसभा में हंगामा, सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

    स्काईरूट के बहाने राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज, बोले- कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के ‘युवा’ का नहीं

    स्काईरूट के बहाने राहुल गांधी पर पीएम मोदी का तंज, बोले- कमाल 28 साल के युवाओं का, 56 साल के ‘युवा’ का नहीं