
रायपुर, 10 अप्रैल 2026/ भारत सरकार की अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति केन्द्र प्रवर्तित योजना है, जिसमें केन्द्रांश 60 प्रतिशत एवं राज्यांश 40 प्रतिशत है। भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश का 60 प्रतिशत राशि सीधे विद्यार्थियों के खाते में डीबीटी पोर्टल के माध्यम से हस्तांतरित किया जाता है, अतः बजट में प्रावधानित केन्द्रांश राशि की बचत हुई।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग द्वारा स्वीकृत बजटीय प्रावधानों के अंतर्गत योजनाओं का क्रियान्चयन निर्धारित वित्तीय नियमों, प्रशासनिक स्वीकृतियों एवं प्रक्रियात्मक प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। व्यय की सतत् समीक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा की जाती है।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार द्वारा पी. व्ही. टी. जी. योजना को पी एम जनमन योजना में समाहित किये जाने के कारण योजना और आदिवासी क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार (अनुच्छेद 275(1)) अतर्गत स्वीकृति एवं आबंटन राशि अप्राप्त होने के कारण प्रावधान किये गये राशि का व्यय नहीं किया जा सका। भारत सरकार द्वारा विशेष केन्द्रीय सहायता योजना को पीएमएएवाय योजना में समाहित किये जाने के कारण योजनांतर्गत भारत सरकार से स्वीकृति एवं आबंटन जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण राशि की बचत हुई है।
प्रमुख सचिव द्वारा समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की प्रक्रियात्मक बाधा को चिन्हित कर उसे समयबद्ध रूप से दूर किया जाए तथा आगामी वित्तीय वर्ष में व्यय की गति एवं गुणवत्ता दोनों में सुधार सुनिश्चित किया जाए। विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 80 प्रतिशत से अधिक व्यय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा इसके लिए योजना-वार मॉनिटरिंग, समय-सीमा आधारित कार्ययोजना एवं जवाबदेही तंत्र को सुदृढ़ किया गया है।







