
बिहार सरकार ने बुजुर्गों को बड़ी राहत देते हुए घर बैठे इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है. सात निश्चय पार्ट-3 के तहत अब वरिष्ठ नागरिकों को पैथोलॉजी, बीपी, ईसीजी जांच से लेकर इमरजेंसी में डॉक्टर और नर्सिंग सहायता घर पर ही मिलेगी.
बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए घर बैठे इलाज की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है. अब बुजुर्गों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य जांच या इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय पार्ट-3 के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए यह अहम फैसला लिया है. इसकी घोषणा उन्होंने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की.
बुजुर्गों को घर पर ही मिलेंगी ये सुविधाएं
इस नई व्यवस्था के तहत बुजुर्गों को उनके घर पर ही पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर मापने और ईसीजी जैसी जरूरी जांच की सुविधा मिलेगी. इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर घर पहुंचकर इलाज करेंगे और नर्सिंग सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे उम्रदराज लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा और उनकी परेशानियां कम होंगी.
घर तक पहुंचाई जाएंगी फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं
आपातकालीन स्थिति में वरिष्ठ नागरिकों को घर पर ही हर तरह की चिकित्सकीय सहायता देने की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके अलावा, फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं भी घर तक पहुंचाई जाएंगी, जिससे बुजुर्गों को लंबे समय तक अस्पताल या क्लीनिक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
सीएम नीतीश ने अपने पोस्ट में क्या कहा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में कहा कि 24 नवंबर 2005 से उनकी सरकार सभी वर्गों के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक सम्मान के साथ, सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन जी सके. बुजुर्गों के लिए यह पहल इसी सोच का हिस्सा है.







