Ro no D15139/23

राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर में बौद्धिक चर्चा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

अम्बिकापुर 24 मार्च 2025/ अंबिकापुर, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा राज्य स्तरीय सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन का आयोजन विविध गतिविधियों और बौद्धिक चर्चाओं के साथ संपन्न हुआ। यह शिविर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय, केशवपुर में निदेशक डॉ. नीता बाजपेयी, संयोजक डॉ. एस.एन. पाण्डेय एवं सह-संयोजक श्रीमती श्रद्धा मिश्रा के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है।

शिविर के चौथे दिन की शुरुआत प्रातः कालीन योग, प्राणायाम और पीटी से हुई, जिससे स्वयंसेवकों को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में सहायता मिली। इसके पश्चात नाश्ते के उपरांत स्वयंसेवकों ने खेल मैदान निर्माण एवं महाविद्यालय परिसर की सफाई जैसे महत्वपूर्ण परियोजना कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया।

बौद्धिक सत्र में मिली प्रेरणादायक सीख
बौद्धिक परिचर्चा सत्र के लिए स्वयंसेवक सभा कक्ष में एकत्रित हुए, जहां संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शारदा प्रसाद त्रिपाठी एवं जिला प्रचारक सरगुजा श्री जितेंद्र शर्मा बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहे। सत्र का शुभारंभ मां भारती, छत्तीसगढ़ मैया एवं स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और लक्ष्य गीत से हुआ।

डॉ. त्रिपाठी ने भारत के विकास में ग्रामीणों की भूमिका को रेखांकित करते हुए गोबर खाद की महत्ता, गंगा जल की शुद्धता, गाय के महत्व एवं गायत्री मंत्र के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत के सतत विकास में सहायक हैं और उनकी पारंपरिक कृषि पद्धतियां पर्यावरण अनुकूल एवं स्वास्थ्यवर्धक हैं।

जिला प्रचारक श्री जितेंद्र शर्मा ने “2047 का भारत कैसा होगा?“ विषय पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए प्रत्येक युवा को अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना होगा। उन्होंने भारत को “विश्व गुरु“ बनाने की दिशा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर हुआ शाम का सत्र

शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए स्वयंसेवकों ने पारंपरिक नृत्य, नृत्य-नाटिका, गीत एवं संगीत प्रस्तुत कर मनोरंजन का समां बांध दिया। इस कार्यक्रम में जिला संगठक प्रो. खेमकरण अहिरवार, कार्यक्रम अधिकारी विनितेश गुप्त, देवेंद्र दास सोनवानी, राकेश राय, रीता गिरी, सुनील चक्रधारी सहित अन्य अधिकारी एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • Related Posts

    अवैध शराब पर आबकारी विभाग की कार्रवाई, अंतरराज्यीय लेवल की मदिरा जप्त

      अम्बिकापुर 03 मार्च 2026/ जिले में अवैध मदिरा के परिवहन एवं संग्रहण पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। आबकारी आयुक्त…

    Read more

    पक्के घर की सौगात और बोनस की खुशियां, इस बार किसान झुन्ना सिंह की होली होगी खास पक्का आवास बनकर तैयार, धान की बोनस राशि से घर में चढ़ेगा खुशियों का रंग

      अम्बिकापुर 03 मार्च 2026/  छत्तीसगढ़ सरकार की हितग्राही मूलक योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्रों में खुशहाली की नई बयार बह रही है। जिले के लखनपुर…

    Read more

    NATIONAL

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

    इजरायली अटैक में ईरान का मुगल काल से संबंधित पैलेस भी क्षतिग्रस्त, भारत से लूटा माल रखा गया था

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    गरीब पोराबाई फंसी-केजरीवाल को मोदी ने छुड़वाया,गले मिले या पड़े-लखमा, खबरदार-‘खामोश’ मत कहना, हैं, बेहद अश्लील धुरंधर-बोथरी सेंसर की धार-वंचित रहे परिवार वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सोनिया गांधी ने किया सवाल, खामेनेई की हत्या पर सरकार चुप्प क्यों?

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी

    सऊदी, कुवैत में US एंबेसी पर ईरान का हमला, अमेरिका बोला- इन 15 देशों को तुरंत छोड़ दें अमेरिकी