Ro no D15139/23

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : स्व-सहायता समूहों से सशक्त हो रहीं महिलाएं, ममता राजवाड़े और चन्दा बनीं आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल

रायपुर, 06 मार्च 2026 (IMNB NEWS AGENCY)
छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में संचालित योजनाएं और स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। छोटे-छोटे प्रयासों और सामूहिक सहयोग से महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सूरजपुर जिले की श्रीमती ममता राजवाड़े और श्रीमती चन्दा ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाएं हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि समाज में नई पहचान भी बनाई है।

सूरजपुर जिले की निवासी ममता राजवाड़े ने श्रीमती लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की अपनी यात्रा शुरू की। समूह की नियमित बैठकों और बचत की आदत ने उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार किया। इसी आत्मविश्वास के साथ उन्होंने समूह से ऋण लेकर अपने घर के पास एक किराना दुकान की शुरुआत की। मेहनत और लगन से व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी आमदनी में वृद्धि की।

व्यवसाय में स्थिरता आने के बाद श्रीमती ममता ने अपने काम का विस्तार करते हुए एक फोटो कॉपी मशीन भी खरीदी, जिससे आय का एक नया स्रोत तैयार हुआ। आज उनकी मासिक आय 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है। श्रीमती ममता का मानना है कि स्व-सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आगे बढ़ने का आत्मविश्वास और हौसला भी प्रदान किया।

इसी तरह सूरजपुर जिले की ही श्रीमती चन्दा ने भी बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी। कभी घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली श्रीमती चन्दा ने समूह के माध्यम से बचत, आत्मनिर्भरता और सामूहिक सहयोग की ताकत को समझा। समूह से मिली प्रेरणा के बाद उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर एक किराना दुकान शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह हुआ कि आज उन्हें हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय होने लगी है।

आज श्रीमती ममता राजवाड़े और श्रीमती चन्दा दोनों ही अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को मजबूती से निभाते हुए आसपास की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और सामूहिक सहयोग मिले तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला भी रख सकती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इन महिलाओं की प्रेरक कहानियां यह दर्शाती हैं कि छत्तीसगढ़ में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय लिखा जा रहा है।

  • Related Posts

    चार दशक से शिक्षा की अलख जगा रहीं  बी.मैथ्यू विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को संवारना ही मानती हैं अपना सबसे बड़ा पुरस्कार

      धमतरी, 7 मार्च 2026/ भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति, ज्ञान और करुणा का प्रतीक माना गया है। परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की भूमिका…

    Read more

    महतारी गौरव वर्ष’ : महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

        रायपुर,07 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। मातृशक्ति के…

    Read more

    NATIONAL

    नेपाल चुनाव: रैपर बालेन शाह का कमाल, RSP ने 18 सीटें जीतीं, 99 पर आगे

    नेपाल चुनाव: रैपर बालेन शाह का कमाल, RSP ने 18 सीटें जीतीं, 99 पर आगे

    सीएम नीतीश की तरह निशांत कुमार भी करेंगे बिहार की यात्रा, 8 मार्च से शुरू होगा सियासी सफर

    सीएम नीतीश की तरह निशांत कुमार भी करेंगे बिहार की यात्रा, 8 मार्च से शुरू होगा सियासी सफर

    श्रीलंका ने दूसरे ईरानी जहाज का लिया कंट्रोल, 208 की बची जान, IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल

    श्रीलंका ने दूसरे ईरानी जहाज का लिया कंट्रोल, 208 की बची जान, IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल

    CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

    CM रहते राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बने नीतीश कुमार, अब बिहार की राजनीति में क्या-क्या होगा?

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    हुमायूं कबीर का पहला दांव ही पड़ा उलटा, चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद बदला पार्टी का नाम

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

    ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुने गए मोजतबा खामेनेई, एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला