Ro no D15139/23

ईरान ने इजरायल पर कलस्टर बम से किया हमला, 123 देशों में है प्रतिबंधित 

इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में ईरान ने क्लस्टर बम का उपयोग किया है। यह बम आम लोगों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए जाना जाता है। इजरायली सेना की तरफ से क्लस्टर बम का इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है। आईडीएफ ने कहा कि 19 जून को ईरान की तरफ से दागी गई कम से कम एक मिसाइल में क्लस्टर बम वारहेड था। दोनों देशों के बीच इस युद्ध में पहली बार इस बम का इस्तेमाल हुआ है।

क्लस्टर बम क्या है?

क्लस्टर बम एक ऐसा हथियार है जिसे कई छोटे बमों को एक बड़े क्षेत्र में छोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। एक बम सीधे अपने लक्ष्य पर फटने की बजाय बीच हवा में खुलता है और पूरे इलाके में छोटे-छोटे बम गिराता है। ये बम नीचे गिरते हुए जब किसी चीज से टकराते हैं तो फट जाते हैं। क्लस्टर बम को अक्सर ऊंचाई पर ही विस्फोट किया जाता है, ताकि ज्यादा बड़े इलाके में इससे निकलने वाले बम फैलें और ज्यादा नुकसान हो।

जमीन से सात किलोमीटर ऊपर फटा यह बम

इजरायली सेना के अनुसार ईरान ने क्लस्टर बम से जो हमला किया था, वह जमीन से सात किलोमीटर की ऊंचाई पर ही फट गया था। इससे इजरायल के आठ किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 छोटे-छोटे बम गिरे। इसके बाद इजरायली सेना ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की और कहा कि किसी भी सामान को हाथ न लगाएं, बल्कि 100 नंबर पर कॉल करें।

क्लस्टर बम विवादास्पद क्यों हैं?

क्लस्टर बम से गिरने वाले कई बम हमले के समय नहीं फटते हैं, लेकिन जब कोई भी व्यक्ति उसने छेड़छाड़ करता है तो बम फट सकते हैं। युद्ध की स्थिति में कई बम बिना फटे रह जाते हैं और जब आम नागरिक या बचाव दल उनके संपर्क में आते हैं तो बम फट जाते हैं। इससे उन लोगों को नुकसान होता है, जो युद्ध में शामिल नहीं हैं या युद्ध में घायल हुए लोगों की मदद के लिए आए हैं। इसके साथ ही यह बम किसी एक जगह को निशाना बनाने की बजाय पूरे इलाके में छोटे-छोटे धमाके करता है। इससे आम लोगों को ज्यादा नुकसान होता है। इसी वजह से इसके इस्तेमाल पर बैन लगाया गया है।

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मिसाइल से निकले बमों में से एक मध्य इजरायली शहर अजोर के एक घर पर गिरा। इस बम से घर को जरूर नुकसान हुआ, लेकिन किसी के हताहत होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। इजरायली होम फ्रंट कमांड ने एक्स पर सार्वजनिक सुरक्षा सलाह जारी की, जिसमें निवासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई। इसमें कहा गया, “आज सुबह हम पर एक मिसाइल हमला हुआ, जिसने बड़े इलाके में छोटे-छोटे बम गिराए हैं। यह संभव है कि कुछ बम बिना फटे ही जमीन पर पड़े हों। किसी भी गिरी हुई वस्तु या संदिग्ध वस्तु को न छुएं। तुरंत 100 नंबर पर कॉल करें।”

  • Related Posts

    कांकेर गोदावरी इस्पात द्वारा अवैध कटाई शिव सेना ने खोला मोर्चा

    काकेर,भानुप्रतापपुर ब्लाक के ग्राम कच्चे के आरी डोगरी लौह अयस्क खदान मे लौह अयस्क उत्खनन का कार्य कर रही गोदावरी स्पात द्वारा खुलेआम अनियमितता,अवैध जंगल कटाई, अवैध निर्माण किया जा…

    Read more

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    Strait Of Hormuz : ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को तुरंत और स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमति बन गई है.…

    Read more

    NATIONAL

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    होर्मुज स्ट्रेट से कितना कमाता था ईरान? अगर युद्ध विराम के बाद खुला रास्ता, तो अब जहाजों से कैसे वसूलेगा ‘टोल टैक्स’

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध का खेल बदल गया है, छोटे देश भी बड़े देश को पहुंचा सकते हैं ज्यादा नुकसान

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    भारतीय जहाजों पर हमले से ट्रंप नाराज, ममता को खुली चुनौती! 19 सांसद बोले- हम ही असली TMC

    किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

    किसने मारा 3 भारतीयों को? ट्रंप और ईरान ने एक दूसरे पर लगाया आरोप, जयशंकर ने US विदेश मंत्री को लगाया फोन

    भारत 2030: इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति जो लोगों और गणित की ताकत से शुरू होगी

    भारत 2030: इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति जो लोगों और गणित की ताकत से शुरू होगी

    12 साल की मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर

    12 साल की मोदी सरकार: फैसलों, विकास योजनाओं और राजनीतिक बदलावों का एक दशक से अधिक का सफर