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जेफरी एप्स्टीन की मौत मर्डर या सुसाइड? पोस्टमार्टम देखने वाले डॉक्टर का खुलासा

Jeffrey Epstein Death Mystery: हाई-प्रोफाइल अपराधी जेफरी एप्स्टीन की मौत को लगभग सात साल बीत चुके हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई जस्टिस डिपार्टमेंट की फाइलों ने इस केस में एक बार फिर खलबली मचा दी है. एप्स्टीन, जो यौन तस्करी (सेक्स ट्रैफिकिंग) के आरोपों का सामना कर रहा था, 10 अगस्त 2019 को अपनी जेल की कोठरी में मरा हुआ पाया गया था. अब इस मामले में नए खुलासे हो रहे हैं जो आधिकारिक थ्योरी पर सवाल उठा रहे हैं.

डॉक्टर का दावा- गला घोंटा गया था, फांसी नहीं थी

डॉ. माइकल बेडन, जिन्होंने एप्स्टीन के भाई के कहने पर पोस्टमार्टम देखा था, उनका कहना है कि एप्स्टीन की गर्दन पर जो निशान थे, वे फांसी के बजाय ‘गला घोंटने’ (स्ट्रैंगुलेशन) की ओर इशारा करते हैं. उनके अनुसार, गर्दन पर मिले निशानों के लिए किसी अलग तरह के मटेरियल की जरूरत होती, जो वहां मौजूद बेडशीट से मेल नहीं खाते.

मौत से पहले की अजीब घटनाएं

जेल के डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, मौत से कुछ दिन पहले 23 जुलाई को एप्स्टीन अपनी सेल में अर्ध-बेहोश मिला था और उसके गले में नारंगी रंग का फंदा था. तब एप्स्टीन ने अपने रूममेट निकोलस टार्टाग्लिओन पर उसे मारने की कोशिश का आरोप लगाया था. हालांकि, जेल प्रशासन ने इसे सुसाइड की कोशिश माना था, जबकि एप्स्टीन ने साइकॉलजिस्ट से कहा था कि वह मरना नहीं चाहता और उसे अपनी जिंदगी से प्यार है.

‘टाइपो’ या पहले से तय थी मौत?

हैरानी की बात यह है कि एप्स्टीन की मौत 10 अगस्त को हुई, लेकिन सरकारी कागजों में उसकी मौत का ड्राफ्ट एक दिन पहले यानी 9 अगस्त को ही तैयार कर लिया गया था. डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने इसे महज एक ‘टाइपो’ (लिखने की गलती) बताया, लेकिन इसने शक की सुई घुमा दी है.

जेल में सुरक्षा की बड़ी लापरवाही

जांच में सामने आया कि एप्स्टीन की सुरक्षा में भारी चूक हुई थी:

  • अकेला छोड़ दिया: नियम के मुताबिक एप्स्टीन को अकेला नहीं छोड़ना था, फिर भी 9 अगस्त को उसके सेलमेट को वहां से हटा दिया गया.
  • सो गए थे गार्ड: ड्यूटी पर तैनात गार्ड टोवा नोएल और घिट्टो बोनहोम चेक-इन करना भूल गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे करीब तीन घंटे तक सो रहे थे.
  • फर्जी रिकॉर्ड: गार्ड्स ने रिकॉर्ड में लिखा कि उन्होंने चेक किया, जबकि असल में वे अपनी जगह से हिले भी नहीं थे. बाद में उन पर केस चला, लेकिन चार्जेस हटा दिए गए.

सीसीटीवी में ‘ऑरेंज फ्लैश’ का रहस्य

10 अगस्त की रात को सीसीटीवी फुटेज में एक ‘नारंगी रंग की परछाई’ (Flash of Orange) सीढ़ियों की तरफ जाती दिखी. जेल के नियमों के मुताबिक, उस वक्त सभी कैदियों को अंदर होना चाहिए था. अधिकारियों का कहना है कि वह शायद कोई गार्ड था जो चादरें ले जा रहा था, लेकिन यह बात अभी भी रहस्य बनी हुई है.

क्या सीन को बदला गया था?

जब 6:33 बजे गार्ड माइकल थॉमस ने एप्स्टीन को लटका हुआ पाया, तो उसने तुरंत उसे नीचे उतारा. पूर्व डिटेक्टिव हरमन वीसबर्ग ने घटना स्थल की तस्वीरों को देखकर कहा कि सेल की हालत को देखकर ऐसा लगता है जैसे सीन के साथ छेड़छाड़ की गई थी या उसे ‘स्टेज’ किया गया था.

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