
दिलचस्प:- ‘सफलता ही इंसान की पहचान है, हर जीनियस जब तक सफल नहीं होता न, लोग उसे पागल कहते हैं। और हर वो पागल जो सफल होता है लोग उसे जीनियस कहते हैं’़़़़़़़़़़़़…
पिछले दिनों किसी फिल्म में ये बेहतरीन डायलाॅग सुना तो आपको सुनाने का दिल चाहा। लगा शायद आपके लिये फायदेमंद साबित हो।
एक दिलचस्प खबर ये है कि गुजरात हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार पत्नी बिना बताए मायके चली जाए, वापस आने पर पति चांटा मार दे तो ये एक घटना है, क्रूरता नहीं।
गुजरात के लोग बड़े अच्छे और सद्व्यवाहारी होते हैं। गुजराती अनिल अंबानी भी वैसे ही हैं।
ये तो किस्मत की बात है कि बड़ा भाई मुकेश बड़ा होते चला गया और छोटा भाई अनिल छोटा।

यस बैंक से कुछ अटरम सटरम डीलिंग करने के मामले में ईडी के शिकंजे में फंस गये हैं।
उनकी पत्नी सुप्रसिद्ध अदाकारा टीना मुनीम अंबानी कभी न कभी जरूर सोचती होंगी कि इनसे शादी की थी।
राजेश खन्ना के साथ टीना का गाना *‘शायद मेरी शादी का खयाल दिल में आया है, इसीलिये मम्मी ने मेरी तुम्हें चाय पे बुलाया है’* बेहद लोकप्रिय हुआ था।
कहा जाता है कि टीना और राजेश आपस में लव में भी थे पर कुदरत को टीना और अनिल का साथ मंजूर था।
*मियां की जूती मियां के सर*
शिक्षा स्थल में भेदभाव रोकने के लिये यूजीसी के निये नियम लागू करने से बड़ी असमंजस की स्थिति पैदा होते दिख रही है।
इससे हो सकता है रेगिंग कोई एससी छा़त्र करे पर केस पीड़ित छात्र पर ही बन जाए। यानि ‘मियां की जूती मियां के सर’।
ऐसी विसंगतियां संभव हैं।
सीजेआई सूर्यकान्त ने बड़ी ठोस बात कही है कि ‘75 साल में हम क्या जाति रहित समाज बना सके हैं? ‘जातियांे के हाॅस्टल’ भगवान…….. के लिये ऐसा न करंे’।
*वास्तव में इस कानून से समाज में दूरियां बढ़ेंगी। स्कूल-काॅलेज में छात्र मित्रवत रहते हैं, बिना भेदभाव के। उनमे वैमनस्यता बढ़ेगी। वो तो अच्छा हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।*
मनोज मुंतसिर ने भी बड़ा अच्छा बयान दिया है ‘अगर देश में जातियां जीत गयीं तो देश हार जाएगा। मोदीजी आप हमारे पिता समान हैं, हम सब आपके बच्चे हैं। आपके प्यार पर हम सबका अधिकार है।
एक बच्चे को खुश करने के लिये दूसरे बच्चे को बेवजह थप्पड़ मत मारिये’।
रामविचार नेताम को
डांस पर नोट उड़ाने वाले अधिकारी से
शिकायत नहीं

पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के एक कस्बे के सामाजिक मंच पर अश्लील डांस और डांस पर एक उच्चाधिकारी द्वारा नोट उड़ाने के मामले को मजाक में लेने वाले कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने एक बार फिर बिंदास बोला है।
उन्होंने कथित डांस को कला बताया था और अब प्लास्टिक की बोतल में शराब से कैंसर होने के खतरे पर मजाक किया कि ‘उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और अनुभव लेने के बाद ही इस पर कुछ बोल पाएंगे’।

इससे पहले कवासी लखमा भी अपने चुटीले अंदाज के लिये जाने जाते थे। वे भी मजाकिया बात करते और मुद्दे की गंभीरता को कम कर देने के लिये विख्यात हैं।
शराब से उन्हें कभी परहेज नहीं रहा और शराब को आदिवासियों की जरूरत बताते हैं बहरहाल शराब घोटाले में वे अंदर थे और लगभग एक साल के बाद हाल ही में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है।
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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700






