
रायपुर, 9 मार्च 2026/ बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला के ग्राम साकरा की रहने वाली भूनेश्वरी चतुर्वेदी आज गांव में ‘लखपति दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
भूनेश्वरी महिला विकास स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। वे बताती हैं कि पहले परिवार की आजीविका के लिए उन्हें कृषि कार्य और मजदूरी पर निर्भर रहना पड़ता था। गांव में उन्होंने एक छोटा फैंसी स्टोर शुरू तो किया था, लेकिन पूंजी की कमी के कारण उसे आगे बढ़ाना आसान नहीं था। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड और बैंक ऋण की सुविधा मिली। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपनी दुकान का विस्तार किया। अब उनके फैंसी स्टोर में फोटोकॉपी मशीन, साड़ियों का कारोबार और सिलाई मशीन भी है।
धीरे-धीरे उनकी दुकान गांव में एक छोटे स्व-रोजगार केंद्र के रूप में विकसित हो गई है। ग्रामीण यहां फोटोकॉपी, साड़ी खरीदने और सिलाई से जुड़े कामों के लिए आते हैं। इससे उनकी मासिक आय बढ़ी है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है। भूनेश्वरी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक मदद के साथ प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी मिला। आज वे आत्मनिर्भर बनकर गांव की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।








