भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी और प्रेरक नेतृत्व में मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध विरासत को सँजोते हुए देश और दुनिया के एक अनुपम पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री की परिकल्पना एक ऐसे मध्य प्रदेश की है जहाँ आधुनिकता और प्राचीनता का सामंजस्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दे। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है, जहाँ धरती से निकलने वाले चमकदार और बेशकीमती रत्नों की तरह ही, यहाँ के रमणीय स्थल भी अपनी आभा बिखेरते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से प्रदेश का हर कोना इतिहास के अलग-अलग कालखंडों को दर्शाता एक विशाल संग्रहालय प्रतीत होता है। मध्यप्रदेश यानि भव्य किले, उत्कृष्ट नक्काशीदार मंदिर, प्राचीन शैल चित्र और अद्भुत स्मारक एक गौरवपूर्ण अतीत की जीवंत कहानी कहते हैं। मुख्यमंत्री का प्रयास है कि मध्यप्रदेश न केवल अपनी अमूल्य धरोहरों को संरक्षित करे, बल्कि उन्हें विश्व पटल पर एक अद्वितीय पहचान दिलाए, जिससे हर पर्यटक यहाँ आकर अपनी आत्मा को सुकून और ज्ञान से परिपूर्ण कर पाए।
मध्यप्रदेश जहाँ हर 100 किलोमीटर से भी कम की यात्रा में पुरातात्विक चमत्कारों और प्राचीन इमारतों के बीच आप अपने आपको पाते हैं। यहाँ का हर स्थान इतिहास के अलग-अलग काल को दर्शाने वाला एक विशाल संग्रहालय जैसा है। यहाँ मौजूद भव्य किले, नक्काशीदार मंदिर, ऐतिहासिक शैल चित्र और अद्भुत स्मारक एक गौरवपूर्ण इतिहास की कथा कहते हैं।
“यूनेस्को की विश्व धरोहर”
मध्यप्रदेश के खजुराहो की अलौकिक मूर्तियाँ, सांची का शांति स्तूप और भीमबेटका की ऐतिहासिक कलाकृतियाँ यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थायी सूची में सम्मिलित हैं। इन धरोहरों के अतिरिक्त 18 अन्य पर्यटन स्थल भी यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में शामिल होने के साथ अब यात्रियों को आकर्षित करने के लिए तैयार हैं।
मध्यप्रदेश अपने मूल मंत्र “अतिथि देवो भव” को गर्व से अपनाते हुए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश महिलाओं के अनुकूल यात्रा गंतव्य के रूप में भी विशेष स्थान हासिल कर चुका है, जो एकल और समूह यात्रियों के लिए समान रूप से आरामदायक और सुरक्षित अनुभव प्रदान करता है। यहाँ आने वाले यात्री प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों की उन कहानियों के साक्षी बनेंगे, जो हजारों वर्षों पुराने इतिहास को बयां करती हैं और जो उनको दुनिया की हलचल से दूर सुकून के पलों का आनंद देने के लिए पर्याप्त हैं।









