
पौष पूर्णिमा स्नान के साथ शनिवार से संगम की रेती पर माघ मेले की शुरुआत हो गई. सुबह से ही बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा गंगा व संगम की ओर स्नान के लिए पहुंचते दिखे. इस अवसर के साथ ही एक माह का कल्पवास भी 3 जनवरी से प्रारंभ हो गया.
त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब पांच लाख कल्पवासियों का शनिवार से कल्पवास प्रारंभ हो जाएगा जिसके तहत वे दिन में दो बार गंगा स्नान और एक पहर भोजन लेते हैं और बाकी समय अपने आराध्य देवता का ध्यान, पूजन आदि करते हैं. उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण सुबह स्नानार्थियों की भीड़ थोड़ी कम रही, लेकिन धूप निकलने के साथ उनकी संख्या बढ़ने की संभावना है। पौष पूर्णिमा स्नान पूरा दिन भर चलेगा.
शाम तक 20 लाख के करीब श्रद्धालु पौष पूर्णिमा का कर सकते हैं स्नान
मेला प्रशासन के मुताबिक सुबह 10 बजे तक नौ लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया. प्रयाग धाम संघ के अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने बताया कि सुबह से ही कोहरा होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत अधिक नहीं है, लेकिन यदि कल्पवासियों की संख्या को जोड़ दें तो शाम तक 20 लाख के करीब श्रद्धालु पौष पूर्णिमा का स्नान कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 3 जनवरी शाम चार बजे तक पौष पूर्णिमा स्नान मुहूर्त रहेगा. मेले में श्रद्धालुओं का आगमन धीरे धीरे बढ़ रहा है. वहीं, कल्पवासी आज स्नान करने के बाद अपने पुरोहित से एक माह के कल्पवास का संकल्प लेंगे और उसी के अनुसार यहां मेले में प्रवास करेंगे.






